भारत-बांग्लादेश सीमा पर तनाव: बीएसएफ और बीजीबी आमने-सामने
सीमा पर BSF और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश आमने-सामने, तारबंदी करने से रोकने पर फैला तनाव
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Image: Jagran
भारत-बांग्लादेश सीमा पर दहग्राम-अंगारपोटा क्षेत्र में कंटीले तार की बाड़ लगाने को लेकर तनाव उत्पन्न हुआ है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। विधायक दधिराम राय ने कहा कि अगले 45 दिनों में बाड़ लगाने का कार्य पूरा किया जाएगा, और किसी भी बाधा का सामना किया जाएगा।
- 01बीजीबी ने भारतीय जमीन पर कंटीले तार की बाड़ लगाने के कार्य पर आपत्ति जताई, जिससे तनाव बढ़ा।
- 02लगभग 105 एकड़ जमीन अधिग्रहण की आवश्यकता है, जिसमें से 80 एकड़ बांग्लादेशी क्षेत्र में आती है।
- 03बीएसएफ ने संयम से स्थिति को संभाला और बड़े टकराव को टाल दिया।
- 04विधायक दधिराम राय ने सीमा क्षेत्र का दौरा किया और बीएसएफ अधिकारियों के साथ बैठक की।
- 05बीएसएफ और बीजीबी के बीच फ्लैग मीटिंग हुई, जिसमें दोनों पक्षों के अधिकारी शामिल थे।
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भारत-बांग्लादेश सीमा पर दहग्राम-अंगारपोटा क्षेत्र में कंटीले तार की बाड़ लगाने को लेकर तनाव उत्पन्न हुआ है। शुक्रवार को सीमा पर भूमि मापने के कार्य के दौरान बार्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) ने आपत्ति जताई, जिससे स्थिति गर्मा गई। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस कार्य के लिए लगभग 105 एकड़ जमीन की आवश्यकता है, जिसमें से 80 एकड़ बांग्लादेशी क्षेत्र में आती है। बीएसएफ ने संयम बरतते हुए स्थिति को संभाला और किसी बड़े टकराव को टाल दिया। विधायक दधिराम राय ने घटना के बाद सीमा क्षेत्र का दौरा किया और बीएसएफ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि अगले 45 दिनों में कंटीले तार की बाड़ लगाने का कार्य पूरा किया जाएगा। यदि बांग्लादेश की ओर से कोई बाधा आती है, तो उसका सख्ती से सामना किया जाएगा। इस घटना के बाद सीमावर्ती गांवों के लोगों में नाराजगी देखने को मिली है, और स्थानीय निवासियों ने भारतीय जमीन पर विकास कार्य में रुकावट की शिकायत की है।
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इस तनाव का असर स्थानीय निवासियों पर पड़ सकता है, जो विकास कार्य में रुकावट के कारण नाराज हैं।
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