भारत-पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमा पर स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट की शुरुआत
पाकिस्तान-बांग्लादेश सीमा होगी अभेद्य, अमित शाह ने किया 'स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट' का एलान

Image: Jagran
भारत सरकार ने पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमा को सुरक्षित करने के लिए 'स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट' की घोषणा की है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह परियोजना ड्रोन, रडार और आधुनिक तकनीक का उपयोग करेगी। इसके तहत जनसांख्यिकी परिवर्तन को रोकने के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त मिशन भी गठित किया जाएगा।
- 01स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट के तहत तकनीक आधारित सुरक्षा ग्रिड बनाया जाएगा।
- 02अमित शाह ने सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसांख्यिकी परिवर्तन को रोकने के लिए एक मिशन का गठन करने की बात की।
- 03बीएसएफ को स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया गया है।
- 04ड्रोन और अन्य तकनीकों से सीमा पर सुरक्षा चुनौतियाँ बढ़ गई हैं।
- 05अमित शाह ने कहा कि बीएसएफ को संगठित अपराध, तस्करी और घुसपैठ से निपटने के लिए अन्य एजेंसियों के साथ सहयोग करना होगा।
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भारत सरकार ने पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमा को सुरक्षित करने के लिए 'स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट' की घोषणा की है। गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा कि यह परियोजना ड्रोन, रडार और आधुनिक कैमरों जैसी तकनीकों का उपयोग करेगी। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य घुसपैठ और तस्करी जैसी समस्याओं को समाप्त करना है। शाह ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसांख्यिकी परिवर्तन को रोकने के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त जनसांख्यिकी मिशन का गठन किया जाएगा। उन्होंने बीएसएफ को स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया है, ताकि घुसपैठ को रोका जा सके। शाह ने कहा कि ड्रोन और अन्य तकनीकों के कारण सीमा पर सुरक्षा चुनौतियाँ बढ़ गई हैं, और बीएसएफ को संगठित अपराध, ड्रग्स की तस्करी और नकली करेंसी जैसी समस्याओं से निपटने के लिए अन्य एजेंसियों के साथ सहयोग करना होगा।
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इस परियोजना से सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा में सुधार होगा, जिससे स्थानीय निवासियों को सुरक्षा का अनुभव होगा।
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