भारत-पाकिस्तान के बीच गुपचुप वार्ता के संकेत, चार बैठकें हुईं
भारत-पाकिस्तान में क्या हो रही गुपचुप बातचीत की तैयारी? एक्सपर्ट का दावा- 4 बैठकें हो चुकीं
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते बेहद खराब दौर में हैं, लेकिन हाल ही में कुछ संकेत मिले हैं कि दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावना बढ़ रही है। आरएसएस नेता दत्तात्रेय होसबले ने वार्ता की आवश्यकता पर जोर दिया है, जिसे पाकिस्तान ने सकारात्मक रूप से लिया है। इसके अलावा, पूर्व अधिकारियों के बीच चार गुप्त बैठकें भी हुई हैं, जो भविष्य की वार्ता के लिए एक संभावित आधार तैयार कर सकती हैं।
- 01आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबले ने कहा कि भारत-पाकिस्तान को वार्ता के दरवाजे बंद नहीं करने चाहिए।
- 02पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने होसबले के बयान का स्वागत किया और भारत से आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा की।
- 03भारत और पाकिस्तान के पूर्व अधिकारियों के बीच चार गुप्त बैठकें मस्कट, दोहा, थाईलैंड और लंदन में हुई हैं।
- 04बैठकें 'ट्रैक 2' और 'ट्रैक 1.5' फॉर्मेट में आयोजित की गईं, जिसमें रिटायर्ड जनरलों और सिविल सोसाइटी के सदस्य शामिल थे।
- 05विश्लेषकों का मानना है कि भारत सरकार के लिए यह वार्ता शुरू करने का एक राजनीतिक बचाव हो सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते हाल के समय में बेहद तनावपूर्ण रहे हैं, विशेषकर मई 2025 में हुए सैन्य संघर्ष के बाद। इस बीच, आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबले ने बातचीत की आवश्यकता पर जोर दिया है, जो पाकिस्तान में सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त कर रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा है कि इस टिप्पणी का स्वागत किया गया है और वे भारत की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि होसबले और पूर्व भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे के बयानों से बातचीत के लिए एक संभावित आधार तैयार हो सकता है। जौहर सलीम, एक पूर्व पाकिस्तानी राजनयिक, ने बताया कि भारत और पाकिस्तान के पूर्व अधिकारियों के बीच चार गुप्त बैठकें हुई हैं, जो मस्कट, दोहा, थाईलैंड और लंदन में आयोजित की गईं। ये बैठकें 'ट्रैक 2' और 'ट्रैक 1.5' फॉर्मेट में थीं, जो औपचारिक कूटनीति का विकल्प नहीं हैं, बल्कि रिश्तों को सुधारने के लिए एक सेफ्टी वाल्व के रूप में कार्य करती हैं। हालांकि, इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है।
Advertisement
In-Article Ad
यदि वार्ता शुरू होती है, तो यह दोनों देशों के बीच तनाव को कम कर सकती है और सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि भारत-पाकिस्तान के बीच वार्ता शुरू होनी चाहिए?
Connecting to poll...
More about राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।

-1779540364367.webp&w=1200&q=75)
