राजीव कृष्णा बने उत्तर प्रदेश के स्थायी डीजीपी, कई वीरता पुरस्कारों से सम्मानित
कौन हैं IPS राजीव कृष्णा जो बने उत्तर प्रदेश के स्थायी DGP, कई वीरता पुरस्कारों से हो चुके हैं सम्मानित
Image: Nbt Navbharattimes
राजीव कृष्णा को चार साल बाद उत्तर प्रदेश का स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया गया है। उन्हें 1990 बैच का आईपीएस अधिकारी माना जाता है और उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। उनके पास वीरता और विशिष्ट सेवा के लिए कई पुरस्कार हैं।
- 01राजीव कृष्णा को 31 मई 2025 को कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया गया था और अब उन्हें स्थायी डीजीपी बनाया गया है।
- 02उन्होंने एटीएस के संस्थापक प्रमुख के रूप में कार्य किया और कई महत्वपूर्ण फील्ड पोस्टिंग पर रहे हैं।
- 03राजीव कृष्णा को 2002 और 2009 में वीरता के लिए पुलिस पदक और 2015 में राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया।
- 04उत्तर प्रदेश में डीजीपी के चयन के लिए नियमावली बनी, लेकिन अब तक इसका कार्यान्वयन नहीं हुआ है।
- 05राजीव कृष्णा ने सीमा प्रबंधन प्रणाली के डिजाइन और कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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उत्तर प्रदेश को चार साल 19 दिन बाद राजीव कृष्णा के रूप में स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) मिल गया है। उन्हें 1990 बैच का आईपीएस अधिकारी माना जाता है और उन्होंने 31 मई 2025 को कार्यवाहक डीजीपी के रूप में कार्यभार संभाला था। इससे पहले, प्रदेश में अस्थायी डीजीपी की नियुक्ति की जा रही थी। राजीव कृष्णा ने एटीएस के संस्थापक प्रमुख के रूप में कार्य किया और कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। उन्हें वीरता के लिए पुलिस पदक और राष्ट्रपति पुलिस पदक सहित कई पुरस्कार मिले हैं। हालांकि, उत्तर प्रदेश में डीजीपी के चयन के लिए बनाई गई नियमावली का अभी तक कार्यान्वयन नहीं हुआ है। उनके कार्यकाल में सीमा प्रबंधन प्रणाली के विकास में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
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राजीव कृष्णा की नियुक्ति से उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशासन में स्थिरता आएगी।
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