रांची में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी, खरीदारों में चिंता
रांची में नदी किनारे अवैध निर्माण के खिलाफ एक्शन की तैयारी, खरीदारों में बढ़ी बेचैनी
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रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर नदियों और जलस्रोतों पर हुए अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे उन लोगों में बेचैनी बढ़ गई है जिन्होंने नदी किनारे जमीन खरीदी है। प्रशासन की योजना से जल संरक्षण और बाढ़ नियंत्रण में मदद मिलेगी।
- 01मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है।
- 02नदी किनारे की जमीन पर अतिक्रमण के कारण कई लोगों ने मकान बना लिए हैं।
- 03स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने से जल संरक्षण और बाढ़ नियंत्रण में मदद मिलेगी।
- 04कुछ खरीदारों ने सस्ते दाम पर जमीन खरीदने से परहेज किया था और अब वे राहत महसूस कर रहे हैं।
- 05विशेषज्ञों का मानना है कि नदियों से अतिक्रमण हटाने से वर्षा जल का प्रवाह बहाल होगा।
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रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर नदियों और जलस्रोतों की जमीन पर हुए अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इससे उन लोगों में बेचैनी बढ़ गई है जिन्होंने नदी, नाला और अन्य जलस्रोतों के आसपास की जमीन खरीदकर मकान बना लिए हैं। प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू करने की चर्चा से कई परिवारों में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वर्षों से जलस्रोतों और सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण होता रहा है, जिससे अब जल संरक्षण और बाढ़ नियंत्रण की समस्या बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नदियों से अतिक्रमण हटाया जाता है, तो इससे वर्षा जल का प्राकृतिक प्रवाह बहाल होगा और जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, कुछ लोग जो जमीन खरीदने से परहेज कर चुके हैं, वे अब राहत महसूस कर रहे हैं। प्रशासन को अतिक्रमण करने वालों के साथ-साथ अवैध जमीन बेचने वाले दलालों पर भी कार्रवाई करनी चाहिए।
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रांची में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई से जल संरक्षण और बाढ़ नियंत्रण में सुधार होगा।
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