लखनऊ में जनगणना कार्य के लिए अनुपयुक्त कर्मचारियों की पहचान
लखनऊ में जनगणना ड्यूटी में लगे 3600 कर्मचारी मिले अनुपयोगी, गलत डेटा अपलोड होने का खतरा
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Image: Jagran
लखनऊ, उत्तर प्रदेश में जनगणना कार्य के लिए लगभग 3600 कर्मचारी अनुपयोगी पाए गए हैं। इनमें से कई कर्मचारी पढ़ाई में कमजोर हैं, जिससे गलत डेटा अपलोड होने का खतरा बढ़ गया है। नगर निगम ने इन कर्मचारियों को वापस भेजकर योग्य कर्मचारियों की मांग की है।
- 01लगभग 3600 कर्मचारी जनगणना कार्य के लिए अनुपयोगी पाए गए हैं।
- 02कई कर्मचारियों को पढ़ाई में कमी के कारण काम पर नहीं रखा जा सकता।
- 03गलत डेटा अपलोड होने का खतरा बढ़ गया है।
- 04नगर निगम ने योग्य कर्मचारियों की मांग की है।
- 05पूर्व चुनाव ड्यूटी वाले कर्मचारियों को जनगणना कार्य में लगाया गया था।
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लखनऊ, उत्तर प्रदेश में जनगणना कार्य के लिए भेजे गए 3600 कर्मचारियों में से अधिकांश अनुपयोगी पाए गए हैं। इनमें कई सफाई कर्मचारी और दिव्यांग शामिल हैं, जो जनगणना के तकनीकी कार्यों के लिए आवश्यक कौशल नहीं रखते हैं। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि इन कर्मचारियों की शिक्षा और क्षमता को देखते हुए उन्हें जनगणना कार्य में नहीं लगाया जा सकता। इससे गलत डेटा अपलोड होने का खतरा बढ़ गया है। नगर निगम को कुल 9000 कर्मचारियों की आवश्यकता है, जिसमें से 10% आरक्षित होते हैं। नगर निगम ने जिला प्रशासन को अनुपयुक्त कर्मचारियों की सूची वापस भेजी है और योग्य कर्मचारियों की मांग की है ताकि जनगणना कार्य में कोई व्यवधान न आए।
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इस निर्णय से जनगणना कार्य में तेजी आएगी और सही डेटा संग्रहण सुनिश्चित होगा।
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