भारत में निजी कंपनियों के लिए परमाणु क्षेत्र खोले जाने की घोषणा
भारत में निजी कंपनियों के लिए खोला जाएगा परमाणु क्षेत्र, केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह का बड़ा ऐलान
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केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने घोषणा की है कि भारत में निजी कंपनियों के लिए परमाणु क्षेत्र खोला जाएगा, जिससे देश ग्रीन ट्रांजिशन में अग्रणी भूमिका निभा सकेगा। इसके साथ ही, अनुसंधान और विकास के लिए एक लाख करोड़ रुपये का कोष भी स्थापित किया जाएगा।
- 01भारत में निजी कंपनियों के लिए परमाणु क्षेत्र खोला जाएगा।
- 02अनुसंधान और विकास के लिए एक लाख करोड़ रुपये का कोष स्थापित किया जाएगा।
- 03भारत के पास थोरियम का सबसे बड़ा भंडार है।
- 04पर्यावरणीय स्थिरता और ग्रीन ट्रांजिशन पर जोर दिया गया।
- 05शहरीकरण के कारण वनों की कटाई और कार्बन डाइऑक्साइड की बढ़ती सांद्रता पर चिंता व्यक्त की गई।
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केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया में आयोजित '21वीं सदी में पर्यावरणीय स्थिरता' सम्मेलन में कहा कि भारत दुनिया के कुछ देशों में से एक होगा, जहां निजी कंपनियों के लिए परमाणु क्षेत्र खोला जाएगा। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने के लिए 'अनुसंधान, विकास और नवाचार' (RDI) कोष में एक लाख करोड़ रुपये की राशि रखी जाएगी। भारत के पास दुनिया में थोरियम का सबसे बड़ा भंडार है, जो सरकार के परमाणु मिशन में सहायक हो सकता है। सम्मेलन में पर्यावरणीय स्थिरता, वनों की कटाई और कार्बन डाइऑक्साइड की बढ़ती सांद्रता जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने भी शहरीकरण के कारण पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों पर चिंता जताई।
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यह निर्णय भारत में निजी कंपनियों को परमाणु क्षेत्र में निवेश करने का अवसर देगा, जिससे रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे और ग्रीन ट्रांजिशन में मदद मिलेगी।
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