बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड मतदान: आजादी के बाद सबसे अधिक मतदान और हिंसा पर विराम
बंगाल-तमिलनाडु में रिकॉर्ड वोटिंग: आजादी के बाद सबसे ज्यादा मतदान, पांच दशक बाद हिंसा पर भी लगा विराम
Jagran
Image: Jagran
बंगाल और तमिलनाडु में हुए विधानसभा चुनावों में आजादी के बाद सबसे ज्यादा मतदान हुआ, बंगाल में 92.54% और तमिलनाडु में 84.69% वोट पड़े। इस बार बंगाल में हिंसा की घटनाएं कम हुईं, जो पिछले पांच दशकों में पहली बार है।
- 01बंगाल में 152 सीटों पर 92.54% और तमिलनाडु में 234 सीटों पर 84.69% मतदान हुआ।
- 02बंगाल में पहली बार पांच दशक में हिंसामुक्त मतदान हुआ।
- 03भाजपा, कांग्रेस और अन्य दलों के प्रमुख नेताओं की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई।
- 04मतदान के दौरान सुरक्षा के लिए 2407 केंद्रीय बलों की कंपनियां तैनात की गईं।
- 05तमिलनाडु के करूर जिले में सबसे अधिक 91.86% मतदान हुआ।
Advertisement
In-Article Ad
गुरुवार को बंगाल और तमिलनाडु में हुए विधानसभा चुनावों में आजादी के बाद सबसे अधिक मतदान हुआ। बंगाल की 152 सीटों पर 92.54% और तमिलनाडु की 234 सीटों पर 84.69% वोट पड़े। बंगाल में पिछले पांच दशकों के बाद पहली बार हिंसामुक्त मतदान हुआ, जिसमें छिटपुट घटनाओं के अलावा कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई। चुनावी विश्लेषकों का मानना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और सुरक्षा की भावना ने इस बार मतदान प्रतिशत को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मतदान के दौरान सुरक्षा के लिए 2407 कंपनियों के केंद्रीय बलों और 40,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। तमिलनाडु में करूर जिले ने 91.86% मतदान के साथ सबसे अधिक मतदान दर्ज किया। इस बार के चुनाव में मतदाताओं की संख्या में कमी आई है, जो अक्टूबर 2025 में 6.41 करोड़ से घटकर 5.73 करोड़ रह गई है।
Advertisement
In-Article Ad
यह चुनावी प्रक्रिया बंगाल और तमिलनाडु में लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ावा देती है और भविष्य के चुनावों में मतदाता जागरूकता को प्रभावित कर सकती है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि चुनावी प्रक्रिया में सुरक्षा का महत्व बढ़ गया है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




