राजनाथ सिंह की जर्मनी यात्रा: रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण डील
पनडुब्बी बनाने वाले प्लांट का दौरा, लड़ाकू विमानों का 'एस्कॉर्ट'; जर्मनी के साथ कौन सी डील कर लौट रहे राजनाथ सिंह
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जर्मनी के बर्लिन में अपनी यात्रा के दौरान 'डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप' पर हस्ताक्षर किए। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करना है, जिसमें आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता और संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सहयोग शामिल है।
- 01राजनाथ सिंह ने जर्मनी में 'डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप' पर हस्ताक्षर किए।
- 02यात्रा के दौरान जर्मन वायुसेना द्वारा एस्कॉर्ट प्रदान किया गया।
- 03भारत और जर्मनी के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
- 04आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता की आवश्यकता पर चर्चा हुई।
- 05संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सहयोग के लिए कार्यान्वयन व्यवस्था पर हस्ताक्षर किए गए।
Advertisement
In-Article Ad
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जर्मनी के बर्लिन में अपनी यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण रक्षा समझौतों पर चर्चा की। 21 अप्रैल को म्यूनिख से बर्लिन पहुंचते समय उनके विशेष विमान को जर्मन लड़ाकू विमानों द्वारा एस्कॉर्ट किया गया, जो इस यात्रा के सामरिक महत्व को दर्शाता है। 22 अप्रैल को, उन्होंने कील शहर में टीकेएमएस के सबमरीन बनाने वाले प्लांट का दौरा किया और आधुनिक नौसेना तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस यात्रा के दौरान, राजनाथ सिंह ने जर्मन रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस के साथ मुलाकात की, जिसमें 'डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप' पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता दोनों देशों के बीच रक्षा उद्योग में सहयोग को नई दिशा देगा। राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इस यात्रा से भारत और जर्मनी के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों का संकेत मिलता है।
Advertisement
In-Article Ad
भारत और जर्मनी के बीच बढ़ता रक्षा सहयोग न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि वैश्विक स्थिरता में भी योगदान देगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि भारत-जर्मनी रक्षा सहयोग वैश्विक स्थिरता में योगदान देगा?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




