लखनऊ अग्निकांड: बच्चों का भविष्य राख में, लेकिन उम्मीदें जिंदा
Lucknow: अग्निकांड में जलकर राख हो गया बचपन, सपने अब भी जिंदा, मासूम बोली- मैं पढूंगी
Amar Ujala
Image: Amar Ujala
लखनऊ के विकासनगर में एक अग्निकांड ने कई बच्चों का बचपन छीन लिया है, लेकिन उनकी पढ़ाई की उम्मीदें अभी भी जीवित हैं। आग में जलकर राख हो गए घरों के बीच, बच्चे नई किताबों के साथ पढ़ाई करने की कोशिश कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच का आदेश दिया है।
- 01लखनऊ के विकासनगर में अग्निकांड ने बच्चों के सपनों को प्रभावित किया।
- 02बच्चे नई किताबों के साथ पढ़ाई करने की कोशिश कर रहे हैं।
- 03माँ सुमित्रा देवी अपने बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता देती हैं।
- 04हाईकोर्ट ने अग्निकांड की जांच का आदेश दिया है।
- 05बस्ती के बच्चे अब अपने माता-पिता की मदद कर रहे हैं।
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लखनऊ के विकासनगर की झुग्गी बस्ती में हुए अग्निकांड ने कई बच्चों के जीवन को प्रभावित किया है। आग की लपटों ने उनके घरों को राख में बदल दिया, लेकिन बच्चे अब भी पढ़ाई की उम्मीदें लिए हुए हैं। सात वर्षीय राधा और नौ वर्षीय कालिंदी अपनी मां सुमित्रा देवी के साथ जले हुए घर के सामने बैठकर नई कॉपियों के साथ पढ़ाई करने की कोशिश कर रही हैं। सुमित्रा देवी, जो अपने पति की मौत के बाद से बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए काम कर रही हैं, कहती हैं कि पढ़ाई छूट गई तो सब कुछ खत्म हो जाएगा। इस बीच, हाईकोर्ट ने अग्निकांड की जांच के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे 13 मई तक अपनी रिपोर्ट पेश करें। इस घटना ने बस्ती के बच्चों को मजबूरन बड़ा बना दिया है, क्योंकि वे अपने माता-पिता की मदद कर रहे हैं।
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बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है, लेकिन वे नई किताबों के साथ पढ़ाई जारी रखने की कोशिश कर रहे हैं।
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