विश्व मौसम विज्ञान संगठन की चेतावनी: अल नीनो से भारत में मॉनसून पर खतरा
अल नीनो पर विश्व मौसम विज्ञान संगठन की भविष्यवाणी, जून से अगस्त तक 80 फीसदी आने की संभावना, मॉनसून पर खतरा
Image: Nbt Navbharattimes
विश्व मौसम संगठन (WMO) ने चेतावनी दी है कि इस साल जून से अगस्त के बीच अल नीनो बनने की संभावना 80% है, जो भारत में मॉनसून को कमजोर कर सकता है। यह स्थिति अधिक गर्मी और सूखे का कारण बन सकती है, जबकि दक्षिण अमेरिका में बाढ़ की संभावना है।
- 01अल नीनो बनने की संभावना 80% है, जो पहले 65% थी।
- 02अल नीनो का प्रभाव भारत में मॉनसून को कमजोर कर सकता है।
- 03WMO के अनुसार, अल नीनो की स्थिति कम से कम नवंबर तक बनी रहेगी।
- 04इस घटना के कारण सूखा और फसलों की तबाही हो सकती है।
- 05दक्षिण अमेरिका में अल नीनो अधिक बारिश और बाढ़ का कारण बन सकता है।
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विश्व मौसम संगठन (WMO) ने मंगलवार को चेतावनी दी कि इस साल जून से अगस्त के बीच अल नीनो बनने की संभावना 80% है। यह स्थिति पिछले आकलन से बढ़ी है, जिसमें यह 65% थी। अल नीनो के कारण प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान बढ़ता है, जो वैश्विक जलवायु पैटर्न को प्रभावित करता है। भारत में, यह घटना मॉनसून को कमजोर कर सकती है, जिससे अधिक गर्मी और सूखे का सामना करना पड़ सकता है। WMO ने बताया कि वर्तमान अल नीनो मध्यम से मजबूत हो सकता है और इसकी स्थिति नवंबर तक बनी रह सकती है। इसके प्रभाव में सूखा और फसलों की तबाही शामिल है। वहीं, दक्षिण अमेरिका के कुछ क्षेत्रों में यह बाढ़ और अत्यधिक बारिश का कारण बन सकता है।
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भारत में अल नीनो के कारण मॉनसून कमजोर हो सकता है, जिससे अधिक गर्मी और सूखे का सामना करना पड़ेगा।
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