वट सावित्री व्रत 2026: पारण का शुभ मुहूर्त और विधि
Vat Savitri Vrat 2026 Parana: कब और कैसे करें वट सावित्री व्रत का पारण? जानें शुभ मुहूर्त और सही विधि
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वट सावित्री व्रत, जो सुहागिन महिलाओं द्वारा मनाया जाता है, 16 मई 2026 को ज्येष्ठ अमावस्या को रखा जाएगा। पारण का शुभ मुहूर्त 17 मई की सुबह 5:58 से 7:00 बजे तक है। पूजा के बाद भीगे चने और वट वक्ष की पत्तियों का सेवन कर व्रत का पारण किया जाता है।
- 01वट सावित्री व्रत का पारण ज्येष्ठ अमावस्या के दिन किया जाता है, जो 16 मई 2026 को है।
- 02पारण का शुभ मुहूर्त 17 मई 2026 को सुबह 5:58 से 7:00 बजे तक रहेगा।
- 03व्रत का पारण करने से पहले पूजा करना आवश्यक है।
- 04पारण के समय भीगे चने और वट वक्ष की पत्तियों का सेवन करना चाहिए।
- 05पारण के बाद घर के बड़ों का आशीर्वाद लेना और प्रसाद बांटना महत्वपूर्ण है।
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वट सावित्री व्रत, जो सुहागिन महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण त्योहार है, 2026 में 16 मई को ज्येष्ठ अमावस्या के दिन मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं और माता सावित्री की पूजा करती हैं। व्रत का पारण 17 मई को सुबह 5:58 से 7:00 बजे के बीच किया जाएगा, जो सबसे शुभ समय माना जाता है। पारण से पहले पूजा करना आवश्यक है, जिसमें भीगे चने और वट वक्ष की पत्तियों का सेवन किया जाता है। इसके बाद, पूरे दिन सात्विक भोजन का सेवन करना चाहिए। पारण के बाद, घर के बड़ों का आशीर्वाद लेना और प्रसाद बांटना भी महत्वपूर्ण है। यह व्रत धार्मिक आस्था और परंपराओं पर आधारित है।
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यह व्रत महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर है, जो उनके पारिवारिक जीवन और पति की लंबी उम्र के लिए शुभ माना जाता है।
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