भारतीय रिजर्व बैंक का नया UPI नियम: ₹10,000 से अधिक के ट्रांजैक्शन पर एक घंटे की देरी
UPI Payment New Rule: ₹10 हजार से ऊपर के UPI पेमेंट पर आया ये नया नियम, बदलेगा पैसों के ट्रांसफर का तरीका
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ₹10,000 से अधिक के UPI ट्रांजैक्शन पर एक घंटे की देरी का प्रस्ताव रखा है। यह कदम ऑनलाइन फ्रॉड को रोकने के लिए उठाया गया है, जबकि बैंकों ने इसकी लागत और UPI की तात्कालिकता को लेकर चिंता जताई है।
- 01RBI ने ₹10,000 से अधिक के UPI ट्रांजैक्शन पर एक घंटे की देरी का प्रस्ताव रखा है।
- 02इसका उद्देश्य बढ़ते डिजिटल फ्रॉड पर रोक लगाना है, जो कुल फ्रॉड मामलों का 45% और वैल्यू का 98.5% है।
- 03बैंकों ने इस सीमा को बढ़ाकर ₹25,000 करने की मांग की है।
- 04व्यापारी भुगतान इस नियम से प्रभावित नहीं होंगे।
- 05उपयोगकर्ताओं को परिचित खातों को 'व्हाइटलिस्ट' करने का विकल्प मिलेगा।
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ₹10,000 से अधिक के डिजिटल अकाउंट-टू-अकाउंट UPI ट्रांजैक्शन पर एक घंटे की देरी का प्रस्ताव दिया है। यह कदम बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए उठाया गया है, जिसमें पिछले पांच सालों में फ्रॉड की रकम 41 गुना बढ़कर लगभग ₹23,000 करोड़ हो गई है। RBI का मानना है कि इस देरी से उपयोगकर्ता संदिग्ध ट्रांजैक्शन को कैंसल कर सकेंगे। हालांकि, बैंकों ने चिंता जताई है कि इससे UPI की तात्कालिकता प्रभावित होगी। वर्तमान में रोज़ाना लगभग 80 से 85 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन होते हैं, और इस प्रस्ताव के लागू होने पर बैंकों को अपने IT इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े बदलाव करने होंगे। बैंकों ने इस सीमा को बढ़ाकर ₹25,000 करने की मांग की है, ताकि बड़े ट्रांजैक्शन में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। हालांकि, व्यापारी भुगतान इस नियम से बाहर रहेंगे।
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इस नए नियम के लागू होने से उपयोगकर्ताओं को संदिग्ध ट्रांजैक्शन को कैंसल करने का मौका मिलेगा, लेकिन इससे UPI की तात्कालिकता प्रभावित हो सकती है।
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