गैस की कालाबाजारी: 2000 रुपये में बेचा जा रहा 925 रुपये का सिलिंडर
गैस की कालाबाजारी: 2000 रुपये में मिल रहा 925 वाला सिलिंडर, एजेंसियों पर मिलीभगत के आरोप
Amar Ujala
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गैस की कमी से प्रभावित छोटे व्यवसाय जैसे डेयरी और रेस्तरां अब हॉकर्स के शिकार बन रहे हैं। व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति में 80% की कमी आई है, जिससे कालाबाजारी बढ़ रही है। प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं और कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
- 01गैस की आपूर्ति में 80% की कमी हुई है।
- 02छोटे व्यवसायों को केवल 50% गैस मिल पा रही है।
- 03कालाबाजारी के आरोप में चार गैस एजेंसियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
- 04प्रशासन की चुप्पी से अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।
- 05जिलाधिकारी ने कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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गैस की किल्लत ने छोटे व्यवसायों जैसे डेयरी, रेस्तरां और पथ विक्रेताओं को गंभीर संकट में डाल दिया है। व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति में 80% की कमी आई है, जिससे छोटे कारोबारी हॉकर्स के शिकार बन रहे हैं। वर्तमान में, व्यावसायिक उपभोक्ताओं को उनकी मांग के मुकाबले केवल 50% गैस ही मिल पा रही है। इस स्थिति का फायदा उठाकर हॉकर्स मनमाने दाम वसूल रहे हैं। जिले में 89 गैस एजेंसियां हैं, जिनसे 12 लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ता जुड़े हैं। पिछले महीने, पूर्ति विभाग ने कालाबाजारी के आरोप में चार गैस एजेंसियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, लेकिन पुलिस और विभाग की जांच में सुस्ती के कारण अधिकारियों और एजेंसी संचालकों के बीच सांठगांठ के आरोप लग रहे हैं। जिलाधिकारी अरविंद बंगारी ने कहा कि सभी संदिग्ध एजेंसियों की सघन जांच की जाएगी और कालाबाजारी में लिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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गैस की कमी और कालाबाजारी के कारण छोटे व्यवसायों की लागत बढ़ रही है, जिससे आम जनता को महंगाई का सामना करना पड़ रहा है।
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