कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया और खर्च: जानें क्या है जरूरी
कोर्ट मैरिज में कितने रुपये का खर्चा होता है? वकील ने बताई हर एक बात

Image: Aaj Tak
कोर्ट मैरिज एक कानूनी प्रक्रिया है जो सरकारी विवाह अधिकारी के सामने होती है। इसकी लागत 2000 से 10000 रुपये के बीच होती है, जिसमें आवेदन शुल्क, रजिस्ट्रेशन और अन्य दस्तावेज शामिल हैं। इस प्रक्रिया में पहचान पत्र, पते का प्रमाण और गवाहों की आवश्यकता होती है।
- 01कोर्ट मैरिज के लिए सरकारी फीस 100 से 500 रुपये होती है।
- 02शादी के लिए आवेदन करने में 100 से 150 रुपये का शुल्क लगता है।
- 03दस्तावेज तैयार करने और वकील की मदद से कुल खर्च 2000 से 10000 रुपये तक बढ़ सकता है।
- 04भारत में विशेष विवाह अधिनियम के तहत अलग धर्मों के लोग बिना धर्म परिवर्तन के शादी कर सकते हैं।
- 05शादी के लिए आवेदन करने से पहले दूल्हा या दुल्हन में से कम से कम एक को उस जिले में 30 दिन रहना आवश्यक है।
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आजकल कई लोग पारंपरिक शादी की बजाय कोर्ट मैरिज को प्राथमिकता दे रहे हैं। कोर्ट मैरिज एक कानूनी प्रक्रिया है जो सरकारी विवाह अधिकारी के सामने होती है। इस प्रक्रिया में दूल्हा-दुल्हन को आवेदन करना होता है और शादी के दिन गवाहों के साथ उपस्थित होकर कानूनी घोषणा करनी होती है। एडवोकेट गौतम सिंह के अनुसार, कोर्ट मैरिज के लिए सरकारी फीस 100 से 500 रुपये तक होती है। आवेदन शुल्क 100 से 150 रुपये है, जबकि विवाह रजिस्ट्रेशन और मैरिज सर्टिफिकेट के लिए 100 से 300 रुपये का खर्च होता है। कुल मिलाकर, दस्तावेज तैयार करने और वकील की सहायता से खर्च 2000 से 10000 रुपये तक हो सकता है। भारत में विशेष विवाह अधिनियम के तहत अलग धर्मों के लोग बिना धर्म परिवर्तन के शादी कर सकते हैं। इसके लिए दूल्हा या दुल्हन में से किसी एक को उस जिले में 30 दिन रहना आवश्यक है। विवाह का पंजीकरण भविष्य में कानूनी विवाद से बचने के लिए महत्वपूर्ण है।
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कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया से दूल्हा-दुल्हन को कानूनी सुरक्षा मिलती है और विवादों से बचने में मदद मिलती है।
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