उत्तर प्रदेश में सरकारी वकीलों के मानदेय में वृद्धि, नए दरों की सूची जारी
UP Lawyers Salary Hike: महाधिवक्ता से लेकर जिला वकीलों तक... यूपी में सरकारी वकीलों का बढ़ा मानदेय, देखें पूरी लिस्ट
News 18 Hindi
Image: News 18 Hindi
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सरकारी वकीलों के मानदेय और भत्तों में वृद्धि की है, जिससे महाधिवक्ता से लेकर जिला स्तर के वकीलों को आर्थिक राहत मिलेगी। नए मानदेय में जिला शासकीय अधिवक्ता का मानदेय ₹14,000 प्रति माह होगा।
- 01महाधिवक्ता का मानदेय अब ₹1,25,000 प्रति माह और बहस फीस ₹60,000 प्रति कार्य दिवस होगी।
- 02जिला शासकीय अधिवक्ता का मासिक मानदेय ₹14,000 और बहस फीस ₹2,500 प्रति कार्य दिवस निर्धारित की गई है।
- 03अपर जिला शासकीय अधिवक्ता का मानदेय ₹11,000 और बहस फीस ₹2,300 प्रति कार्य दिवस होगी।
- 04सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता को ₹10,000 प्रति माह और ₹2,300 प्रति कार्य दिवस मिलेंगे।
- 05इस निर्णय से प्रदेश के हजारों विधि अधिकारियों को सीधा आर्थिक लाभ होगा।
Advertisement
In-Article Ad
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सरकारी वकीलों के मानदेय और भत्तों में वृद्धि का निर्णय लिया है, जिससे न्यायिक ढांचे को मजबूत किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। नए संशोधनों के अनुसार, जिला शासकीय अधिवक्ता (DGC) का मासिक मानदेय ₹14,000 और बहस फीस ₹2,500 प्रति कार्य दिवस होगी। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता का मानदेय ₹11,000 और बहस फीस ₹2,300 प्रति कार्य दिवस होगी। महाधिवक्ता का मानदेय ₹1,25,000 प्रति माह और बहस फीस ₹60,000 प्रति कार्य दिवस होगी। इस कदम से सरकारी वकीलों को आर्थिक राहत मिलेगी, जिससे मुकदमों की पैरवी और प्रभावी तरीके से की जा सकेगी।
Advertisement
In-Article Ad
सरकारी वकीलों के मानदेय में वृद्धि से न्यायिक प्रणाली में सुधार होगा और सरकारी स्तर पर मुकदमों की पैरवी अधिक प्रभावी होगी।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आप सरकारी वकीलों के मानदेय में वृद्धि के निर्णय का समर्थन करते हैं?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



