मध्यप्रदेश में स्वामित्व अधिकार योजना से ग्रामीणों को मिलेगा भूमि का अधिकार
स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना से नागरिकों के भू-खण्ड अधिकार होंगे सुरक्षित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Image: Globalherald
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026' की घोषणा की है, जिससे ग्रामीण नागरिकों के भूमि अधिकार सुरक्षित होंगे। इस योजना के तहत पंजीयन शुल्क माफ किया जाएगा और 3,800 करोड़ रुपये का खर्च राज्य सरकार उठाएगी।
- 01योजना के तहत 68.11 लाख अधिकार अभिलेखों का निर्माण किया गया है, जिसमें 48.32 लाख निजी संपत्तियों के हैं।
- 02ग्रामीण नागरिकों को भूमि अधिकार प्राप्त करने पर कोई पंजीयन शुल्क नहीं देना होगा।
- 03बैंकिंग संस्थाएँ पंजीकृत अभिलेखों के आधार पर ऋण स्वीकृति देंगी, जिससे आर्थिक सशक्तिकरण होगा।
- 04ड्रोन तकनीक से संपत्ति का डिजिटल मानचित्रण किया जाएगा, जिससे विवादों में कमी आएगी।
- 05योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा।
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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026' की घोषणा की, जो ग्रामीण नागरिकों के भूमि अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए बनाई गई है। इस योजना के तहत, राज्य सरकार पंजीयन शुल्क को माफ करेगी और इसके लिए 3,800 करोड़ रुपये का खर्च उठाएगी। योजना के अंतर्गत अब तक 68.11 लाख अधिकार अभिलेखों का निर्माण किया गया है, जिसमें 48.32 लाख निजी संपत्तियों के हैं। यह योजना ग्रामीण नागरिकों को भूमि अधिकार प्राप्त करने में सहायता करेगी और उन्हें विभिन्न बैंकों से ऋण प्राप्त करने में भी आसानी होगी। इसके साथ ही, ड्रोन तकनीक का उपयोग करके संपत्तियों का डिजिटल मानचित्रण किया जाएगा, जिससे संपत्ति विवादों में कमी आएगी। योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा।
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इस योजना से ग्रामीण नागरिकों को भूमि अधिकार प्राप्त होंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
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