लद्दाख का चुमार गांव बनेगा देश का पहला मॉडल बॉर्डर विलेज
लद्दाख का 'चुमार' बनेगा देश का पहला मॉडल बॉर्डर विलेज, 16700 फीट की ऊंचाई मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं

Image: Jagran
लद्दाख के चुमार गांव को देश का पहला मॉडल बॉर्डर विलेज बनाने की योजना शुरू की गई है। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इस परियोजना की नींव रखी, जिसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ आर्थिक विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
- 01चुमार गांव की ऊंचाई 16,700 फीट है और यहां 24 परिवार निवास करते हैं।
- 02इस परियोजना के तहत हर परिवार को सौर ऊर्जा आधारित आवास और आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
- 03चुमार को पर्यटन और पश्मीना उद्योग का केंद्र बनाने के लिए कौशल विकास कार्यक्रम और सामुदायिक कैफे स्थापित किए जाएंगे।
- 04परियोजना में ग्रीनहाउस की स्थापना से सालभर सब्जी उत्पादन होगा, जिससे स्थानीय आर्थिक लाभ होगा।
- 05चुमार गांव में स्कूल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
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लद्दाख के चुमार गांव को देश का पहला मॉडल बॉर्डर विलेज बनाने की योजना शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य सीमांत वासियों के जीवन स्तर में सुधार करना है। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इस परियोजना की नींव रखी, जिसमें हर परिवार को सौर ऊर्जा आधारित आवास, शौचालय, किचन गार्डन और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। चुमार, जो 16,700 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, में 24 परिवार निवास करते हैं, जो मुख्य रूप से पश्मीना उत्पादन और पशुपालन से जुड़े हैं। इस परियोजना के तहत, चुमार को आत्मनिर्भर, जलवायु-अनुकूल और आर्थिक रूप से समृद्ध गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। ग्रीनहाउस की स्थापना से सालभर सब्जी उत्पादन होगा, जिससे स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ मिलेगा। इसके अलावा, सामुदायिक कैफे, पर्यटन सूचना केंद्र और कौशल विकास कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए नए आय के स्रोत विकसित होंगे।
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चुमार गांव के विकास से स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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