भारत और पाकिस्तान के बीच ड्रोन युद्ध की तैयारी: किजिलेल्मा और MQ-28 घोस्ट बैट की प्रतिस्पर्धा
पाकिस्तान की नजर तुर्की के किजिलेज्मा ड्रोन पर, भारत ले सकता है MQ-28 घोस्ट, बिना पायलट वाले विमान लड़ेंगे लड़ाई?
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
भारत और पाकिस्तान के बीच भविष्य में मानव रहित लड़ाकू विमानों (UCAV) की प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है। पाकिस्तान तुर्की के बायराकटार किजिलेल्मा ड्रोन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जबकि भारत बोइंग MQ-28 घोस्ट बैट पर विचार कर रहा है। यह प्रतिस्पर्धा दक्षिण एशिया में एआई आधारित युद्धकला के विकास को प्रभावित कर सकती है।
- 01बायराकटार किजिलेल्मा UCAV की अधिकतम गति मैक 0.9 है, जो इसे धीमे यूएवी सिस्टम से अलग करती है।
- 02किजिलेल्मा की पेलोड क्षमता लगभग 1,500 किलोग्राम है, जो टोही और सटीक हमलों में लचीलापन प्रदान करती है।
- 03भारत की MQ-28 घोस्ट बैट विमान की डिजाइन F-35 और F/A-18 जैसे प्लेटफार्मों के साथ इंटीग्रेशन पर केंद्रित है।
- 04किजिलेल्मा और MQ-28 की प्रतिद्वंद्विता वैश्विक UCAV निर्यात बाजारों को आकार दे सकती है।
- 05दक्षिण एशिया में एआई युद्ध प्रतिस्पर्धा भविष्य के वायु शक्ति संतुलन को नया आकार दे सकती है।
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भारत और पाकिस्तान के बीच एक नई सैन्य प्रतिस्पर्धा का संकेत मिल रहा है, जिसमें मानव रहित लड़ाकू विमानों (UCAV) की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। पाकिस्तान की सेना तुर्की के बायराकटार किजिलेल्मा ड्रोन पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जो एक एआई-सक्षम स्टील्थ ड्रोन है। इसकी अधिकतम गति मैक 0.9 है और यह लगभग 1,500 किलोग्राम का पेलोड ले जा सकता है, जिससे यह टोही और सटीक हमलों के लिए प्रभावी बनता है। दूसरी ओर, भारत बोइंग MQ-28 घोस्ट बैट पर विचार कर रहा है, जो F-35 और F/A-18 जैसे पश्चिमी लड़ाकू विमानों के साथ इंटीग्रेशन को प्राथमिकता देता है। इस ड्रोन का मॉड्यूलर आर्किटेक्चर इसे विभिन्न मिशनों के लिए अनुकूलित करने की अनुमति देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किजिलेल्मा और MQ-28 की प्रतिस्पर्धा न केवल दक्षिण एशिया में बल्कि वैश्विक UCAV निर्यात बाजारों में भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है। यह एआई आधारित युद्धकला भविष्य के हिंद-प्रशांत सुरक्षा गणनाओं के केंद्र में आ रही है।
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यह प्रतिस्पर्धा भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संतुलन को प्रभावित कर सकती है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर पड़ेगा।
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