भारत की अग्नि-6 मिसाइल: चीन और पाकिस्तान की चिंता बढ़ी
PHOTOS: 29000 KMPH की तूफानी रफ्तार, 10000 KM रेंज, भारत के ब्रह्मास्त्र का नाम सुनते ही चीन-पाक को आया पसीना

Image: News 18 Hindi
भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने अग्नि-6 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का डिजाइन पूरा कर लिया है। इसकी मारक क्षमता 8,000 से 12,000 किलोमीटर और गति मैक-24 (29,000 KMPH) होने की उम्मीद है, जो भारत को वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण सामरिक शक्ति बनाएगी।
- 01अग्नि-6 की मारक क्षमता 8,000 से 12,000 किलोमीटर तक होगी।
- 02इसकी गति मैक-24 (29,000 KMPH) होने की संभावना है।
- 03मिसाइल में MIRV और MaRV तकनीक शामिल होगी, जिससे यह कई लक्ष्यों को निशाना बना सकेगी।
- 04अग्नि-6 के संचालन से पूरा यूरोप भारत की मारक सीमा में आ जाएगा।
- 05भारत पहले से ही मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम (MTCR) का सदस्य है।
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भारत ने अपनी अग्नि-6 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का डिजाइन पूरा कर लिया है, जो अब सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रही है। DRDO प्रमुख समीर वी. कामत के अनुसार, अग्नि-6 की मारक क्षमता 8,000 से 12,000 किलोमीटर तक होगी और इसकी गति मैक-24 (29,000 KMPH) तक पहुंच सकती है। यह मिसाइल MIRV (मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल) और MaRV (मैन्युवरेबल री-एंट्री व्हीकल) तकनीक से लैस होगी, जिससे यह आधुनिक मिसाइल रक्षा प्रणालियों को भेदने में सक्षम होगी। अग्नि-6 के संचालन के बाद, भारत की सामरिक पहुंच पूरी यूरोप तक बढ़ जाएगी, जिससे वैश्विक रणनीतिक समीकरणों में नई चर्चा का जन्म होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत की फुल स्पेक्ट्रम डिटरेंस क्षमता को पूरा करने में मदद करेगी और भारत को एक जिम्मेदार सामरिक शक्ति के रूप में स्थापित करेगी।
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अग्नि-6 के संचालन से भारत की सामरिक क्षमता में वृद्धि होगी, जो क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा संतुलन को प्रभावित कर सकती है।
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