अदाणी ने ऊर्जा और इंटेलिजेंस को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने की जरूरत बताई
'ऊर्जा और इंटेलिजेंस हो राष्ट्रीय प्राथमिकता, इसी से मिलेगी सच्ची आजादी', CII के कार्यक्रम में बोले अदाणी
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गौतम अदाणी (अदाणी समूह के चेयरमैन) ने नई दिल्ली में सीआईआई सम्मेलन में कहा कि ऊर्जा और इंटेलिजेंस को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाना आवश्यक है। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा को राष्ट्रीय शक्ति के दो महत्वपूर्ण आधार बताया और भारत के लिए 2047 तक 2,000 गीगावॉट बिजली क्षमता का लक्ष्य रखा।
- 01ऊर्जा और इंटेलिजेंस को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाना होगा।
- 02भारत 2047 तक 2,000 गीगावॉट बिजली क्षमता का लक्ष्य रखता है।
- 03अदाणी ने अमेरिका और चीन के ऊर्जा और एआई में विस्तार का उदाहरण दिया।
- 04भारत की वृद्धि दर तेज हो रही है, जो हर दशक में एक नई यूरोपीय अर्थव्यवस्था के बराबर होगी।
- 05एआई की तेजी के लिए अधिक बिजली की आवश्यकता होगी।
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गौतम अदाणी (अदाणी समूह के चेयरमैन) ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित सीआईआई सालाना व्यापार सम्मेलन 2026 में ऊर्जा और इंटेलिजेंस को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो देश शांति के समय अपनी क्षमता का निर्माण नहीं करता, उसे संकट के समय में अपनी कमजोरियों की कीमत चुकानी पड़ती है। अदाणी ने अमेरिका और चीन का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे ये देश ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में विस्तार कर रहे हैं। उन्होंने भारत के लिए 2047 तक 2,000 गीगावॉट बिजली क्षमता का लक्ष्य रखा है, जो मार्च 2026 तक 500 गीगावॉट पार कर जाएगा। अदाणी ने कहा कि भारत की वृद्धि तेज हो रही है और यह हर दशक में एक नई यूरोपीय अर्थव्यवस्था के बराबर होगी। उन्होंने यह भी बताया कि एआई की तेजी के लिए कहीं ज्यादा बिजली की जरूरत होगी।
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यदि भारत अपनी बिजली क्षमता को 2,000 गीगावॉट तक बढ़ाता है, तो यह ऊर्जा की उपलब्धता में सुधार करेगा, जिससे उद्योगों और आम लोगों को अधिक बिजली मिलेगी।
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