शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों के ₹6.2 लाख करोड़ डूबे
शेयर बाजार में हाहाकार! कच्चे तेल की आग में झुलसा दलाल स्ट्रीट, निवेशकों के ₹6.2 लाख करोड़ डूबे
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भारतीय शेयर बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण भारी गिरावट आई है, जिससे निवेशकों की संपत्तियों में ₹6.2 लाख करोड़ की कमी आई। निफ्टी 1.5% गिरकर 23,816 और सेंसेक्स 1.7% गिरकर 76,015 पर बंद हुआ।
- 01कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर बनी रहीं।
- 02निफ्टी में 360 अंक और सेंसेक्स में 1,313 अंक की गिरावट आई।
- 03निवेशकों की संपत्तियों में ₹6.2 लाख करोड़ की कमी आई।
- 04इंटरग्लोब एविएशन और टाइटन कंपनी के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट आई।
- 05महंगाई और चालू खाते के घाटे की चिंताओं ने बाजार को प्रभावित किया।
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आज घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली, जब कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 1.5% यानी 360 अंक गिरकर 23,816 पर बंद हुआ, जबकि बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 1.7% यानी 1,313 अंक गिरकर 76,015 पर बंद हुआ। यह गिरावट 30 मार्च के बाद से सबसे बड़ी है, जिससे निवेशकों की परिसंपत्तियों में लगभग ₹6.2 लाख करोड़ की कमी आई। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 3% की वृद्धि के बाद निवेशकों का भरोसा डगमगा गया, जो अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के ईरान के साथ शांति वार्ता के प्रस्ताव पर अस्वीकार्य प्रतिक्रिया के बाद हुआ। यात्रा और ज्वैलरी क्षेत्र के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट आई, जबकि कुछ कंपनियों जैसे सन फार्मास्युटिकल्स और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में मामूली बढ़त देखी गई।
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इस गिरावट का असर आम निवेशकों पर पड़ा है, जिनकी संपत्तियों में भारी कमी आई है।
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