वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह की गुफाओं की खोज के लिए रोबोट्स और ड्रोन विकसित किए
लाल ग्रह की गुफाओं के अब खुलेंगे राज, रोबोट करेंगे छानबीन, उड़ेंगे ड्रोन; ऐसी है वैज्ञानिकों की प्लानिंग?

Image: Zee News
वैज्ञानिक मंगल ग्रह की सतह के नीचे छिपे लावा ट्यूब्स की खोज के लिए नए रोबोट और ड्रोन विकसित कर रहे हैं। यह तकनीक संभावित रूप से जीवन के संकेतों और सुरक्षित निवास स्थान की खोज में मदद कर सकती है।
- 01मंगल ग्रह की सतह के नीचे 746 मील लंबा लावा ट्यूब्स का नेटवर्क होने की संभावना है।
- 02विशेष रोबोट, जिसे रॉली-पॉली कहा जाता है, बड़े गड्ढों में उतरकर लावा ट्यूब्स की खोज करेगा।
- 03छोटे डैंडेलियन ड्रोन, जो तेज हवाओं के सहारे उड़ सकते हैं, सुरंगों का नक्शा बनाएंगे।
- 04ड्रोन Piezoelectric टेक्नोलॉजी से बने हैं, जो ऊर्जा को नरम और लचीले पॉलिमर से उत्पन्न करते हैं।
- 05वर्तमान में Curiosity और Perseverance जैसे भारी रोवर्स पतली सुरंगों में नहीं जा सकते।
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वैज्ञानिक मंगल ग्रह पर छिपे रहस्यमयी लावा ट्यूब्स की खोज के लिए नई तकनीक विकसित कर रहे हैं। New Mexico Tech के वैज्ञानिक मुस्तफ़ा हसनलियन ने एक विशेष प्रकार का रोबोट तैयार किया है, जिसे रॉली-पॉली कहा जाता है। यह रोबोट गोल आकार का है और बड़े गड्ढों, जिन्हें Skylight कहा जाता है, में उतरने में सक्षम है। इन गड्ढों में पहुंचने के बाद, यह हजारों छोटे डैंडेलियन ड्रोन छोड़ता है, जो मंगल की सुरंगों में उड़कर तापमान, जीवों और संरचना से संबंधित जानकारी एकत्र करते हैं। ये ड्रोन Piezoelectric टेक्नोलॉजी से बने हैं, जिससे वे हल्के और कम गर्म रहते हैं। इस खोज से वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह पर जीवन के संकेतों और संभावित सुरक्षित निवास स्थान की खोज में मदद मिल सकती है।
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