राजस्थान में आर्थिक संकट: 67% परिवारों के पास नहीं है इमरजेंसी फंड
IIM उदयपुर का खुलासा! 75% लोग नहीं जानते म्यूचुअल फंड का नाम, 67% परिवारों के पास नहीं है इमरजेंसी फंड

Image: News 18 Hindi
आईआईएम उदयपुर की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान में 67% परिवारों के पास इमरजेंसी फंड नहीं है, जिससे वे आर्थिक संकट में तीन महीने तक खर्च नहीं चला सकते। 75% लोग म्यूचुअल फंड का नाम भी नहीं जानते, और 55.3% लोग अपनी आय से ज्यादा खर्च कर रहे हैं।
- 0167% परिवारों के पास इमरजेंसी फंड नहीं है, जिससे वे आर्थिक संकट में असुरक्षित हैं।
- 0275% लोग म्यूचुअल फंड का नाम नहीं जानते, जो वित्तीय जागरूकता की कमी को दर्शाता है।
- 03राजस्थान में औसत मासिक पारिवारिक आय ₹6,902 है, जिसमें से 28% ईएमआई चुकाने में जाती है।
- 0483.5% महिलाओं के नाम कोई संपत्ति नहीं है, जो आर्थिक असमानता को दर्शाता है।
- 0572.6% महिलाएं समय पर कर्ज चुकाती हैं, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 49.6% है।
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जयपुर में आईआईएम उदयपुर द्वारा जारी रिपोर्ट ने राजस्थान की आर्थिक स्थिति को लेकर कई चिंताजनक तथ्य प्रस्तुत किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 67% परिवारों के पास किसी भी प्रकार का इमरजेंसी फंड नहीं है, जिससे वे अचानक आने वाले आर्थिक संकटों का सामना नहीं कर सकते। 75% लोग म्यूचुअल फंड का नाम भी नहीं जानते, जो वित्तीय जागरूकता की कमी को दर्शाता है। इसके अलावा, 55.3% लोग अपनी आय से ज्यादा खर्च कर रहे हैं, जिससे उन पर कर्ज लेने का दबाव बढ़ रहा है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि राजस्थान में औसत मासिक पारिवारिक आय ₹6,902 है, जिसमें से 28% ईएमआई चुकाने में जाती है। महिलाओं की स्थिति भी चिंताजनक है, जहां 83.5% महिलाओं के नाम कोई संपत्ति नहीं है, लेकिन वे समय पर कर्ज चुकाने में अधिक जिम्मेदार हैं। रिपोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि राजस्थान में वित्तीय साक्षरता, बचत और निवेश को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
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यह रिपोर्ट दर्शाती है कि राजस्थान में आर्थिक संकट की स्थिति कितनी गंभीर है, जिससे परिवारों की वित्तीय सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
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