मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने निर्दोष इंजीनियर को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया
एयरपोर्ट की मशीन ने अमचूर को 'हेरोइन' बताया, 57 दिन जेल में रहे इंजीनियर

Image: Aaj Tak
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने ग्वालियर के इंजीनियर अजय सिंह को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। उन्हें 2010 में एयरपोर्ट पर अमचूर पाउडर को हेरोइन समझकर 57 दिन जेल में बिताने पड़े। अदालत ने तकनीकी खामियों और जांच में देरी के कारण उनके जीवन पर पड़े प्रभाव को गंभीरता से लिया।
- 01अजय सिंह को 2010 में भोपाल एयरपोर्ट पर अमचूर पाउडर के लिए गिरफ्तार किया गया था, जिसे गलत तरीके से हेरोइन समझा गया।
- 0257 दिनों तक जेल में रहने के बाद फॉरेंसिक रिपोर्ट ने उनकी बेगुनाही साबित की।
- 03मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि तकनीकी खराबियों के कारण निर्दोष नागरिकों की स्वतंत्रता नहीं छीनी जानी चाहिए।
- 04अदालत ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और उन्हें तथ्यों की पुष्टि करने का आदेश दिया।
- 05यह मामला सुरक्षा प्रक्रियाओं में सुधार की आवश्यकता को दर्शाता है, ताकि नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा हो सके।
Advertisement
In-Article Ad
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने ग्वालियर के इंजीनियर अजय सिंह के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिसमें उन्होंने 10 लाख रुपये का मुआवजा पाने का आदेश दिया। यह मामला 7 मई 2010 का है, जब अजय सिंह भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट से दिल्ली जा रहे थे। सुरक्षा जांच के दौरान उनके बैग में एक पाउडर मिला, जिसे एक्सप्लोसिव डिटेक्टर ने मादक पदार्थ समझा। इसके बाद अजय को गिरफ्तार कर लिया गया और उन पर ड्रग्स तस्करी का मामला दर्ज किया गया। उन्हें 57 दिन जेल में बिताने पड़े, जबकि जांच में पाया गया कि वह पाउडर वास्तव में आमचूर था। हाईकोर्ट ने कहा कि तकनीकी खामियों के कारण किसी निर्दोष नागरिक की स्वतंत्रता नहीं छीनी जा सकती। अदालत ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और यह स्पष्ट किया कि नागरिकों के मौलिक अधिकारों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
Advertisement
In-Article Ad
इस फैसले से न केवल अजय सिंह को राहत मिली है, बल्कि यह सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी एक चेतावनी है कि उन्हें नागरिकों के अधिकारों का सम्मान करना चाहिए।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि सुरक्षा एजेंसियों को जांच प्रक्रियाओं में सुधार करना चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



