यूपी बीजेपी में बड़े बदलाव की तैयारी, जातीय समीकरणों पर ध्यान
यूपी बीजेपी में बड़े बदलाव के संकेत: छूटे चेहरों को संगठन में मिलेगी जगह, जातीय समीकरण फिट करने की कवायद तेज
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उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नई टीम का गठन जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। सभी छह क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने की योजना है, जिसमें नए क्षेत्रीय अध्यक्षों की नियुक्ति भी शामिल है। यह बदलाव 2027 के चुनावों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है।
- 01भाजपा की नई टीम में जातीय गणित पर ध्यान दिया जाएगा।
- 02सभी छह क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने की योजना है।
- 03महिलाओं को संगठन में एक तिहाई प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
- 04मंत्रिमंडल विस्तार के बाद संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी।
- 05सोशल इंजीनियरिंग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
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उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नई प्रदेश इकाई के गठन की योजना तैयार की जा रही है, जिसमें जातीय गणित को ध्यान में रखते हुए सभी 6 क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। नए क्षेत्रीय अध्यक्षों के माध्यम से जातीय समीकरणों को सहेजने की कोशिश की जाएगी। जिन क्षेत्रों में मंत्री अधिक हैं, वहां के चेहरों की संगठन में भागीदारी कम हो सकती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में यूपी के चार चेहरों को शामिल करने की चर्चा चल रही है। इस बदलाव का उद्देश्य 2027 के चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करना है। भाजपा संगठन में लंबे समय से पदों पर बैठे चेहरों की छुट्टी की संभावना है, और नए महामंत्री, उपाध्यक्ष, मंत्री और क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाए जाएंगे। संगठन में एक तिहाई महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने की भी योजना है। इसके अलावा, सोशल इंजीनियरिंग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसमें गैर-यादव ओबीसी और गैर-जाटव दलितों को शामिल किया जाएगा।
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भाजपा के नए संगठनात्मक ढांचे से स्थानीय कार्यकर्ताओं को अधिक अवसर मिलेंगे, जिससे वे अपनी आवाज को प्रभावी ढंग से उठा सकेंगे।
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