अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर अमित शाह ने गठित की उच्च स्तरीय समिति
'अवैध घुसपैठ से बदले जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर बैठेगी उच्च स्तरीय कमेटी', अमित शाह का नया एक्शन प्लान
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अवैध घुसपैठ से होने वाले कृत्रिम जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का अध्ययन करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति एक वर्ष में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी और आवश्यक कानून बनाने की सिफारिश भी करेगी।
- 01उच्च स्तरीय समिति का गठन अवैध घुसपैठ और कृत्रिम जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के अध्ययन के लिए किया गया है।
- 02समिति की अध्यक्षता पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नाओलेखर करेंगे।
- 03समिति में पूर्व आईएएस, पूर्व आईपीएस और आर्थिक सलाहकार समिति की सदस्य शामिल हैं।
- 04समिति एक वर्ष में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी और नए कानून की आवश्यकता पर विचार करेगी।
- 05अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार हर घुसपैठिए को पहचानकर उन्हें वापस भेजने के लिए प्रतिबद्ध है।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में अवैध घुसपैठ और अन्य अस्वाभाविक कारणों से हुए 'कृत्रिम' जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का अध्ययन करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति देश भर में हुए जनसांख्यीय बदलावों के कारणों की जांच करेगी और आवश्यक उपायों पर विचार करेगी। यदि आवश्यक हुआ, तो यह समिति नए कानून बनाने की सिफारिश भी करेगी। समिति की अध्यक्षता पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नाओलेखर करेंगे। समिति में पूर्व आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्र, पूर्व आईपीएस बालाजी श्रीवास्तव और आर्थिक सलाहकार समिति की सदस्य डॉक्टर शमिका रवि शामिल हैं। अमित शाह ने इस समिति के गठन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण के संदर्भ में बताया, जिसमें 'हाई-पावर्ड डेमोग्राफिक मिशन' की घोषणा की गई थी। उन्होंने कहा कि यह समिति धार्मिक और सामाजिक समुदायों में असमान्य जनसंख्या परिवर्तन के पैटर्न का भी विश्लेषण करेगी।
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यह समिति अवैध घुसपैठ से प्रभावित क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय संरचना को पुनर्स्थापित करने का प्रयास करेगी।
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