Australia Scholarships: फीस माफ, ₹27 लाख स्टाइपेंड, PG-PhD के लिए बुला रही ऑस्ट्रेलिया की टॉप यूनिवर्सिटी
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
Australia Graduate Research Scholarships: ऑस्ट्रेलिया में सरकार रिसर्च फील्ड में काम करने के लिए दुनियाभर से टैलेंटेड लोगों को बुला रही है। इसके तहत कई सारी सरकारी यूनिवर्सिटीज में उन्हें अच्छी खासी स्कॉलरशिप भी दी जा रही है। इसी कड़ी में मेलबर्न यूनिवर्सिटी ने 'ग्रेजुएट रिसर्च स्कॉलरशिप' का ऐलान किया है, जिसके लिए भारतीय छात्र भी अप्लाई कर सकते हैं। इसके जरिए बिना किसी फीस दिए पीएचडी या मास्टर्स बाय रिसर्च करने का मौका मिलेगा। Study Abroad: 2025 में भारतीय छात्रों के लिए विदेश में पढ़ाई फायदे और नुकसानभारत में मास्टर डिग्री पूरी कर चुके या रिसर्च में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों के लिए ये स्कॉलरशिप बेहतरीन है, क्योंकि इसमें हर तरह के खर्चों को कवर किया जा रहा है। QS वर्ल्ड रैंकिंग के अनुसार, मेलबर्न यूनिवर्सिटी ऑस्ट्रेलिया की टॉप यूनिवर्सिटी है, जिसका मतलब है कि यहां पर रिसर्च से जुड़ी सुविधाएं बेहतरीन होंगी। आइए 'ग्रेजुएट रिसर्च स्कॉलरशिप' के बारे में विस्तार से जानते हैं और साथ ही समझते हैं कि इसे पाने के लिए भारतीय छात्रों को कौन सी शर्त पूरी करनी होगी। ग्रेजुएट रिसर्च स्कॉलरशिप की जरूरी बातेंमेलबर्न यूनिवर्सिटी में दी जा रही ये स्कॉलरशिप 'मेलबर्न रिसर्च स्कॉलरशिप' और 'रिसर्च ट्रेनिंग प्रोग्राम' (RTP) के तहत दी जा रही है। इसका मकसद प्रतिभाशाली स्थानीय के साथ-साथ विदेशी छात्रों को यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएट रिसर्च की डिग्री देना है। स्कॉलरशिप से जुड़ी जरूरी बातें निम्नलिखित हैं: टोटल स्कॉलरशिप 600 (सेलेक्शन पूल बड़ा होने से स्कॉलरशिप मिलने की संभावना ज्यादा है) कोर्स का टाइप ग्रेजुएट रिसर्च (मास्टर्स बाय रिसर्च या PhD) टोटल आर्थिक मदद 100% फीस माफ और 1,35,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 92.50 लाख रुपये) तक की कुल आर्थिक मदद। एप्लिकेशन स्टेटस स्कॉलरशिप के लिए अलग से अप्लाई करने की जरूरत नहीं है, नाम पर ऑटोमैटिक विचार होगा। मेलबर्न यूनिवर्सिटी की स्कॉलरशिप में क्या-क्या मिलेगा?ऑस्ट्रेलिया की टॉप यूनिवर्सिटी में मिल रही ये स्कॉलरशिप फुली-फंडेड है, जिसका मतलब है कि स्टूडेंट को रहने-खाने के लिए कोई पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं है। स्कॉलरशिप के तहत निम्नलिखित फायदे मिल रहे हैं। ट्यूशन फीस से छूट: मास्टर्स बाय रिसर्च वालों के लिए 2 साल और PhD स्टूडेंट्स के लिए 4 साल तक ट्यूशन फीस माफ। रहने का भत्ता: हर साल 39,500 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 27 लाख रुपये) दिए जाएंगे। स्कॉलरशिप की अवधि: मास्टर्स स्टूडेंट्स को 2 साल और PhD स्टूडेंट्स को 3.5 साल तक स्कॉलरशिप दी जाएगी। रिलोकेशन ग्रांट: भारतीय छात्रों को मेलबर्न में शिफ्ट होने के लिए 3000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 2 लाख रुपये) अलग से मिलेंगे। हेल्थ इंश्योरेंस: भारतीय छात्रों को 'ओवरसीज स्टूडेंट हेल्थ कवर' (OSHC) भी दिया जाएगा। स्कॉलरशिप से जुड़ी जरूरी लिंक: University of Melbourne Graduate Research Scholarshipsकिन-किन सब्जेक्ट्स की पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप मिलेगी? इंजीनियरिंग, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और कंप्यूटर साइंस बिजनेस और इकोनॉमिक्स साइंस, एग्रीकल्चर और वेटरनरी साइंसेज आर्किटेक्चर, बिल्डिंग, प्लानिंग और डिजाइन आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज, सोशल साइंसेज और लॉ हेल्थ, एजुकेशन, म्यूजिक और विजुअल आर्ट्सकिन शर्तों पर मेलबर्न यूनिवर्सिटी की स्कॉलरशिप मिलेगी?मेलबर्न यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएट रिसर्च डिग्री (मास्टर्स या PhD) के लिए अप्लाई करने वाले छात्रों को ये स्कॉलरशिप दी जाएगी। पहले उन्हें एडमिशन की शर्तों को पूरा करना होगा। एक बार उन्हें यूनिवर्सिटी की तरफ से एडमिशन ऑफर लेटर मिल जाएगा, तो उनके नाम पर ऑटोमैटिक विचार किया जाएगा। इसी तरह से यहां रिसर्च कोर्स कर स्टूडेंट्स भी स्कॉलरशिप के लिए योग्य हैं। स्कॉलरशिप के लिए सेलेक्शन अकेडमिक मेरिट पर होगा। इसका मतलब है कि छात्र को पिछली डिग्री में मिले नंबर और उसकी फील्ड में रिसर्च पोटेंशियल के आधार पर रैंक किया जाएगा। इसके अलावा यूनिवर्सिटी ये भी देखेगी कि क्या छात्र के पास वर्क एक्सपीरियंस है और क्या उसके रिसर्च पेपर को इंटरनेशनल जर्नल्स में पब्लिश किया गया है। आवेदन की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर है।
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




