CBSE कक्षा 12वीं रिजल्ट विवाद: बोर्ड ने जारी किया बयान
CBSE कक्षा 12वीं रिजल्ट को लेकर क्या चल रहा है विवाद, जिसको लेकर बोर्ड को जारी करना पड़ा बयान
Ndtv
Image: Ndtv
सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने कक्षा 12वीं के रिजल्ट के बाद छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं को लेकर एक आधिकारिक बयान जारी किया है। इस बयान में बोर्ड ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली की पारदर्शिता और निष्पक्षता की पुष्टि की है, जबकि इस साल का पास प्रतिशत 85.2% रहा है, जो पिछले सात वर्षों में सबसे कम है।
- 01CBSE ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए लागू किया है।
- 02कक्षा 12 का पास प्रतिशत घटकर 85.2% रहा है, जो पिछले सात वर्षों में सबसे कम है।
- 03छात्र पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत अपने पेपर फिर से चेक करवा सकते हैं।
- 04री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया 19 मई से शुरू होगी।
- 05छात्र अपनी जांची गई उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
Advertisement
In-Article Ad
सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने कक्षा 12वीं के रिजल्ट के बाद उठे विवाद पर एक आधिकारिक बयान जारी किया है। छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथमेटिक्स में कम अंक आने की शिकायत की थी। कुछ छात्रों ने यह भी कहा कि वे जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में पास होने के बावजूद CBSE बोर्ड परीक्षाओं में फेल हो गए। इस पर CBSE ने कहा कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली मूल्यांकन में पारदर्शिता और निष्पक्षता लाने के लिए शुरू की गई थी। इस साल कक्षा 12 का पास प्रतिशत 85.2% रहा, जो पिछले सात वर्षों में सबसे कम है। छात्रों को पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर दिया जाएगा, जो 19 मई से शुरू होगी।
Advertisement
In-Article Ad
यह विवाद छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उनके भविष्य के शैक्षणिक अवसरों को प्रभावित कर सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि CBSE को मूल्यांकन प्रणाली में सुधार करना चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




