गोरखपुर के एम्स में सफल सर्जरी से निकला 1.8 किलोग्राम का ट्यूमर
एम्स : चेहरे और गर्दन के बीच सर्जरी कर निकाला डेढ़ किलो का ट्यूमर

Image: Amar Ujala
गोरखपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के चिकित्सकों ने 53 वर्षीय मरीज के चेहरे और गर्दन के पास विकसित 1.8 किलोग्राम वजनी ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाला। यह सर्जरी मरीज की जीवन गुणवत्ता में सुधार लाएगी।
- 01सर्जरी में निकाला गया ट्यूमर 1.8 किलोग्राम वजनी था।
- 02मरीज बिहार के पश्चिम चंपारण का निवासी है और कई वर्षों से सूजन से पीड़ित था।
- 03सर्जरी के दौरान मरीज की पैरोटिड ग्रंथि में प्लियोमॉर्फिक एडिनोमा ट्यूमर की पुष्टि हुई थी।
- 04सर्जरी को सफल बनाने के लिए ईएनटी और एनेस्थीसिया विभाग के विशेषज्ञों की टीम ने मिलकर काम किया।
- 05डॉ. अरुप मोहंती के अनुसार, इस तरह की सर्जरी चुनौतीपूर्ण होती है क्योंकि ट्यूमर चेहरे की नसों के निकट होता है।
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गोरखपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने एक जटिल सर्जरी में 53 वर्षीय मरीज के चेहरे और गर्दन के पास विकसित 1.8 किलोग्राम वजनी ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाला। मरीज, जो बिहार के पश्चिम चंपारण का निवासी है, कई वर्षों से चेहरे और गर्दन के आसपास बढ़ती सूजन से परेशान था, जिससे उसकी दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं। सर्जरी से पहले, विस्तृत क्लीनिकल और रेडियोलॉजिकल जांच में मरीज की पैरोटिड ग्रंथि में प्लियोमॉर्फिक एडिनोमा ट्यूमर की पुष्टि हुई। ईएनटी और एनेस्थीसिया विभाग के विशेषज्ञों की एक टीम ने इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को अंजाम दिया, जिसमें ट्यूमर चेहरे की नसों के निकट स्थित था। डॉ. अरुप मोहंती ने बताया कि इस तरह की सर्जरी में सटीक योजना और अनुभवी चिकित्सकों की टीम की आवश्यकता होती है। सर्जरी के बाद मरीज की हालत स्थिर और संतोषजनक है, जिससे उसकी जीवन गुणवत्ता में सुधार की संभावना है।
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सर्जरी से मरीज की जीवन गुणवत्ता में सुधार की संभावना है।
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