AIIMS पटना ने 830 ग्राम का ट्यूमर निकालकर लिम्का बुक में दर्ज कराया नाम
AIIMS पटना ने रचा इतिहास, 830 ग्राम का ट्यूमर निकालकर लिम्का बुक में दर्ज कराया नाम

Image: News 18 Hindi
पटना के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने एक जटिल सर्जरी में 830 ग्राम का स्कल बोन ट्यूमर निकालकर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया। यह सर्जरी 29 वर्षीय मरीज पर की गई, जो गंभीर बीमारी से जूझ रहा था।
- 01सर्जरी में 830 ग्राम का ट्यूमर निकाला गया, जो कि एक बड़ी उपलब्धि है।
- 02यह ऑपरेशन लगभग 7 घंटे 45 मिनट तक चला और डॉ. सरोज कुमार सिंह के नेतृत्व में किया गया।
- 03सर्जरी के बाद मरीज की हालत स्थिर है और वह तेजी से स्वस्थ हो रहा है।
- 04यह AIIMS पटना की दूसरी बड़ी उपलब्धि है, पहले भी ईएनटी विभाग ने लिम्का बुक में नाम दर्ज कराया था।
- 05इस सफलता ने बिहार और पूर्वी भारत में चिकित्सा क्षेत्र में गर्व का माहौल पैदा किया है।
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पटना स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। न्यूरोसर्जरी टीम ने एक जटिल स्कल बोन ट्यूमर की सफल सर्जरी की, जिसमें 29 वर्षीय मरीज के सिर से 830 ग्राम वजनी ट्यूमर निकाला गया। यह सर्जरी डॉ. सरोज कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई और लगभग 7 घंटे 45 मिनट तक चली। ऑपरेशन के सफल होने से अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों में खुशी का माहौल है। मरीज की स्थिति फिलहाल स्थिर है, और डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने से उसे नई जिंदगी मिली है। यह उपलब्धि AIIMS पटना को देश के प्रमुख मेडिकल संस्थानों में और मजबूती प्रदान करती है। इससे पहले, AIIMS पटना के ईएनटी विभाग ने भी लिम्का बुक में अपना नाम दर्ज कराया था, जिससे यह न्यूरोसर्जरी विभाग की दूसरी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
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इस सर्जरी की सफलता ने बिहार में चिकित्सा क्षेत्र में गर्व का माहौल पैदा किया है।
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