भारतीय रेलवे ने ट्रैक मेंटेनर्स के लिए पदोन्नति की नई नीति की घोषणा की
ट्रैक मेंटेनर को रेलवे का बड़ा तोहफा, अब पदोन्नति पाकर बन सकेंगे अधिकारी

Image: Jagran
भारतीय रेलवे ने ट्रैक मेंटेनर्स को जूनियर इंजीनियर (रेल पथ) के पद पर पदोन्नति देने का निर्णय लिया है। अब 20 प्रतिशत पदों पर बिना लिखित परीक्षा के उनकी वरीयता और योग्यता के आधार पर पदोन्नति मिलेगी। यह निर्णय ट्रैक मेंटेनर्स की पुरानी मांग को मान्यता देता है और इससे देशभर के ट्रैक मेंटेनर्स को लाभ होगा।
- 01ट्रैक मेंटेनर्स को अब बिना लिखित परीक्षा के पदोन्नति मिलेगी।
- 02जूनियर इंजीनियर (रेल पथ) के 20 प्रतिशत पदों पर पदोन्नति का प्रावधान किया गया है।
- 03इस निर्णय के पीछे आल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन और ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन की मांग थी।
- 04पदोन्नति की प्रक्रिया में पहले विभागीय परीक्षा की आवश्यकता थी, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है।
- 05इससे धनबाद समेत देशभर के ट्रैक मेंटेनर्स को लाभ होगा।
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भारतीय रेलवे ने ट्रैक मेंटेनर्स के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके तहत उन्हें अब जूनियर इंजीनियर (रेल पथ) के पद पर पदोन्नति दी जाएगी। रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस पद के 20 प्रतिशत स्थानों पर ट्रैक मेंटेनर्स को बिना लिखित परीक्षा के उनकी वरीयता और योग्यता के आधार पर पदोन्नति मिलेगी। पहले, इस पद पर पदोन्नति पाने के लिए ट्रैक मेंटेनर्स को कठिन विभागीय परीक्षा से गुजरना पड़ता था। इस निर्णय के पीछे आल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (AIRF) और ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन (ECRKU) की लगातार मांग थी। उन्होंने विभिन्न स्तरों पर उच्च अधिकारियों के समक्ष लिखित परीक्षा की बाध्यता को समाप्त करने की मांग की थी। इस निर्णय से ट्रैक मेंटेनर्स की पुरानी मांग को मान्यता मिली है, जिससे धनबाद समेत पूरे देश के ट्रैक मेंटेनर्स को लाभ होगा। ईसीआरकेयू के मीडिया प्रभारी एनके खवास ने इस निर्णय को ट्रैक मेंटेनर्स के लिए एक बड़ा तोहफा बताया है।
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इस निर्णय से ट्रैक मेंटेनर्स को पदोन्नति का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और कार्य संतोष में सुधार होगा।
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