मुंबई में हिंदी बनाम मराठी विवाद: संजय निरुपम पर हमला
हिंदी Vs मराठी विवाद मुंबई: संजय निरुपम की गाड़ी पर पथराव, MNS कार्यकर्ता बोले-'गो बैक'
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मुंबई, महाराष्ट्र में 'हिंदी बनाम मराठी' विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है जब शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता संजय निरुपम पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने हमला किया। यह विवाद तब शुरू हुआ जब ऑटो चालकों के लिए मराठी भाषा को अनिवार्य करने का आदेश दिया गया।
- 01संजय निरुपम पर MNS कार्यकर्ताओं ने हमला किया।
- 02मराठी भाषा को ऑटो चालकों के लिए अनिवार्य किया गया है।
- 03पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया।
- 04MNS ने संजय निरुपम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
- 05इस घटना ने शिवसेना (शिंदे गुट) में अंतर्विरोधों को उजागर किया।
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मुंबई, महाराष्ट्र में 'हिंदी बनाम मराठी' विवाद फिर से गरमा गया है। दहिसर में शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता संजय निरुपम जब ऑटो चालकों से संवाद करने पहुंचे, तो वहां पहले से मौजूद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध किया। MNS कार्यकर्ताओं ने निरुपम की गाड़ी पर पथराव किया और 'निरुपम गो बैक' और 'एक ही भाषा, मराठी भाषा' के नारे लगाए। यह विवाद तब शुरू हुआ जब परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने ऑटो चालकों के लिए मराठी भाषा बोलना अनिवार्य करने का आदेश दिया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और 11 MNS पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। MNS ने चेतावनी दी है कि यदि उनके कार्यकर्ताओं पर दबाव डाला गया, तो वे पूरे मुंबई में बड़े आंदोलन की योजना बनाएंगे। इस घटना ने शिवसेना (शिंदे गुट) के भीतर चल रहे वैचारिक मतभेदों को भी उजागर किया है।
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इस विवाद का असर स्थानीय ऑटो चालकों और प्रवासियों पर पड़ेगा, जो मराठी भाषा के अनिवार्य नियम के खिलाफ हैं।
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