अकोला में ट्रैक्टर से दूल्हा-दुल्हन की अनोखी शादी
अकोला में अनोखी शादी: ट्रैक्टर से मैरिज गार्डन पहुंचे दूल्हा-दुल्हन

Image: Aaj Tak
अकोला के टिटवा गांव में ओमप्रकाश गावंडे और अनुश्री की शादी में दूल्हा-दुल्हन ने ट्रैक्टर से एंट्री की, जो पूरे गांव के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया। यह अनोखी एंट्री किसान संस्कृति और जड़ों के प्रति सम्मान का प्रतीक थी।
- 01दूल्हा-दुल्हन ने शादी में ट्रैक्टर से एंट्री की, जो गांव में चर्चा का विषय बन गया।
- 02ओमप्रकाश गावंडे किसान परिवार से हैं, और ट्रैक्टर उनके लिए पहचान और रोजी-रोटी का प्रतीक है।
- 03ट्रैक्टर को फूलों से सजाया गया था, जिससे समारोह में पारंपरिकता की झलक मिली।
- 04गावंडे परिवार का मानना है कि 'शेती ही आमची माय-माऊली आहे', जो खेती के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है।
- 05सोशल मीडिया पर इस शादी के वीडियो को लोगों ने खूब पसंद किया, और इसे किसान जीवन को सलाम करने का तरीका बताया।
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अकोला के टिटवा गांव में ओमप्रकाश गावंडे और अनुश्री की शादी ने एक अनोखा मोड़ लिया जब दूल्हा-दुल्हन ने ट्रैक्टर से मंडप तक पहुंचने का निर्णय लिया। यह दृश्य गांव के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया, जहां सभी ने दूल्हा-दुल्हन को सजाए गए ट्रैक्टर पर बैठा देखा। ओमप्रकाश गावंडे, जो एक किसान परिवार से हैं, ने इस विशेष दिन पर अपनी जड़ों को सम्मान देने का निर्णय लिया। उनका मानना है कि ट्रैक्टर केवल एक कृषि उपकरण नहीं है, बल्कि यह उनकी पहचान और रोजी-रोटी का हिस्सा है। शादी में ट्रैक्टर को फूलों से सजाया गया था, जिससे समारोह में पारंपरिकता का अनुभव हुआ। गावंडे परिवार ने कहा कि 'शेती ही आमची माय-माऊली आहे', जो खेती के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है। इस अनोखी एंट्री ने समारोह को खास बना दिया और सोशल मीडिया पर भी इस शादी की चर्चा हो रही है, जहां इसे किसान जीवन को सलाम करने का एक तरीका बताया गया।
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इस अनोखी शादी ने स्थानीय किसानों के जीवन और संस्कृति को उजागर किया है।
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