शनि जयंती 2026: मंत्र जप की विधि और महत्व
Shani Jayanti 2026 Mantra : शनि जयंती पर करें शनि के इन मंत्रों का जप, शनिदेव की रहेगी शुभ दृष्टि, जानें मंत्र जप की संपूर्ण विधि
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
शनि जयंती 2026 पर शनिदेव की कृपा पाने के लिए विशेष मंत्रों का जप करना आवश्यक है। इस बार अमावस्या तिथि शनिवार को है, जो एक दुर्लभ संयोग है। सही विधि से मंत्र जप करने से शनिदेव की शुभ दृष्टि प्राप्त की जा सकती है।
- 01इस बार शनि जयंती अमावस्या तिथि पर शनिवार को है, जो एक दुर्लभ संयोग है।
- 02शनि देव का बीज मंत्र 'ओम प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' विशेष रूप से साढ़ेसाती या ढैय्या से राहत पाने के लिए जपना चाहिए।
- 03मंत्र जप करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करना और काले या नीले वस्त्र पहनना चाहिए।
- 04पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करना और सरसों के तेल का दिया जलाना आवश्यक है।
- 05मंत्र जप के लिए रुद्राक्ष की माला का उपयोग करना चाहिए।
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शनि जयंती 2026 का आयोजन ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि पर होगा, जो इस बार शनिवार को पड़ रहा है। यह एक दुर्लभ संयोग है और इस दिन शनिदेव की पूजा करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। इस अवसर पर विशेष मंत्रों का जप करने से शनिदेव की शुभ दृष्टि प्राप्त की जा सकती है। शनि देव के प्रमुख मंत्रों में 'ओम शं शनैश्चराय नमः', 'ओम शन्नो देविर्भिष्ठयः आपो भवन्तु पीतये', और 'ओम नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्' शामिल हैं। इन मंत्रों का जप करने से व्यक्ति पर शनिदेव की कृपा बनी रहती है। मंत्र जप की विधि में सुबह जल्दी उठकर स्नान करना, काले या नीले वस्त्र पहनना, पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करना और रुद्राक्ष की माला का उपयोग करना आवश्यक है। इस दिन शनिदेव को काले तिल, उड़द दाल, नीले फूल और तेल अर्पित करने से विशेष लाभ होता है।
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शनि जयंती पर मंत्र जप करने से व्यक्ति की जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं, विशेषकर उन लोगों के लिए जिन पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है।
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