शनि अमावस्या 2026: उपाय और महत्व
शनि अमावस्या पर खुल सकता है भाग्य, जानें शनि दोष दूर करने के अचूक उपाय! पितरों का मिलेगा आशीर्वाद
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16 मई 2026 को शनिश्चरी अमावस्या का विशेष महत्व है, जो शनि दोष और पितृ दोष से राहत दिला सकती है। इस दिन किए गए उपाय, जैसे पीपल के नीचे दीपक जलाना और पितरों के लिए तर्पण करना, सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह दिन आत्मचिंतन और नई ऊर्जा का अवसर है।
- 0116 मई 2026 को शनिश्चरी अमावस्या का संयोग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
- 02इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान और पूजा का समय सुबह 4:07 से 4:48 बजे तक है।
- 03शनि देव को सरसों का तेल और काला तिल अर्पित करना शुभ माना जाता है।
- 04पितरों के लिए तर्पण करने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
- 05इस दिन किए गए उपायों का फल कई गुना बढ़ जाता है।
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16 मई 2026 को शनिश्चरी अमावस्या का विशेष महत्व है, जो शनि दोष, पितृ दोष और आर्थिक परेशानियों से राहत दिला सकती है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दिन ग्रहों की स्थिति शुभ रहेगी। इस दिन किए गए उपाय, जैसे पीपल के नीचे दीपक जलाना और काले कुत्ते को रोटी खिलाना, सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, अमावस्या का दिन पितरों के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस दिन तर्पण और श्राद्ध करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है। विशेष मुहूर्त में पूजा और स्नान करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है। साथ ही, अभिजीत मुहूर्त में नए कार्यों की शुरुआत करना लाभकारी माना जाता है। यह दिन केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और सकारात्मक बदलाव का भी अवसर है। श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए उपाय जीवन में नई ऊर्जा और राहत ला सकते हैं।
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इस दिन किए गए उपायों से आर्थिक संकट और मानसिक तनाव कम हो सकता है, जिससे लोगों की जीवनशैली में सुधार हो सकता है।
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