UAE के OPEC से अलग होने का भारत पर संभावित प्रभाव: सागर अदाणी की राय
'समय बताएगा...', OPEC से अलग हुआ UAE तो भारत को फायदा या नुकसान, जानिए क्या है सागर अदाणी का अनुमान
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अदाणी ग्रीन एनर्जी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अदाणी ने कहा है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के OPEC से अलग होने से भारत को लाभ हो सकता है। उन्होंने ऊर्जा लचीलापन और हरित ऊर्जा के विकास पर जोर दिया, जिससे भारत इस संकट से मजबूती से उभरेगा।
- 01UAE के OPEC से अलग होने का भारत के लिए सकारात्मक प्रभाव हो सकता है।
- 02भारत अपनी ऊर्जा लचीलापन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
- 03अदाणी समूह 2030 तक 50,000 मेगावाट हरित ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य रखता है।
- 04मध्य पूर्व संघर्ष का समाधान वैश्विक स्थिरता के लिए आवश्यक है।
- 05भारत सरकार की नीतियों ने स्थानीय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा दिया है।
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अदाणी ग्रीन एनर्जी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अदाणी ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और UAE के OPEC से अलग होने से भारत को ऊर्जा लचीलापन में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत अपनी स्वतंत्र पावर ग्रिड बनाने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आयातित ईंधन पर निर्भरता कम होगी। अदाणी समूह 2030 तक 50,000 मेगावाट हरित ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखता है। उन्होंने भारत सरकार की नीतियों की प्रशंसा की, जिसने पिछले वर्ष 55 गीगावाट हरित ऊर्जा ग्रिड से जोड़ा है। अदाणी ने उम्मीद जताई कि सतर्क कूटनीति और घरेलू ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से भारत इस संकट से और मजबूत होकर उभरेगा।
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भारत की ऊर्जा लचीलापन में वृद्धि से घरेलू ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी।
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