NPS सब्सक्राइबर्स के लिए नए मेंटेनेंस नियम, 1 जुलाई से प्रभावी
NPS सब्सक्राइबर्स सावधान! 1 जुलाई से बदल रहे हैं मेंटेनेंस के नियम, समझें आपकी जेब पर क्या होगा असर
Business Standard
Image: Business Standard
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के सब्सक्राइबर्स के लिए 1 जुलाई 2026 से नए मेंटेनेंस चार्ज नियम लागू होंगे। टियर-I और टियर-II खातों के चार्ज अब समान हो जाएंगे, जिससे टियर-II का खर्च बढ़ेगा। निष्क्रिय खातों पर भी शुल्क लगेगा, जिससे निवेशकों की कुल लागत पर प्रभाव पड़ेगा।
- 01टियर-I और टियर-II खातों के मेंटेनेंस चार्ज अब समान होंगे।
- 02निष्क्रिय खातों पर सालाना मेंटेनेंस चार्ज का 10% शुल्क लगेगा।
- 03एक ही PRAN के तहत अलग-अलग स्कीम्स पर अलग चार्ज लगेगा।
- 041,000 रुपये से कम बैलेंस वाले टियर-II खातों पर कोई चार्ज नहीं।
- 05निवेशकों को नए नियमों के अनुसार अपनी निवेश रणनीति में बदलाव करना होगा।
Advertisement
In-Article Ad
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत 1 जुलाई 2026 से नए मेंटेनेंस चार्ज नियम लागू होंगे, जो करोड़ों सब्सक्राइबर्स पर असर डालेंगे। पेंशन फंड रेगुलेटर PFRDA ने टियर-I और टियर-II खातों के चार्ज को समान कर दिया है, जिससे टियर-II खातों की लागत बढ़ जाएगी। अब टियर-II खाते पर वही सालाना मेंटेनेंस चार्ज लगेगा जो टियर-I पर है। छोटे निवेशकों को राहत देते हुए, यदि किसी तिमाही के अंत में टियर-II खाते में 1,000 रुपये या उससे कम हैं, तो कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा, निष्क्रिय खातों पर भी सालाना शुल्क का 10% लिया जाएगा। नए नियमों के तहत, एक ही PRAN नंबर के अंदर मौजूद हर पेंशन स्कीम को अलग अकाउंट माना जाएगा, जिससे कई स्कीम्स में निवेश करने पर कुल लागत बढ़ सकती है। इन बदलावों का उद्देश्य NPS सिस्टम को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है, जिससे निवेशकों को अपनी निवेश रणनीति में बदलाव करने की आवश्यकता होगी।
Advertisement
In-Article Ad
इन बदलावों के कारण NPS सब्सक्राइबर्स को अपनी निवेश लागत में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि NPS मेंटेनेंस चार्ज का बदलाव उचित है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




