छत्तीसगढ़ में बैलगाड़ी से निकली अनोखी बारात, पीएम मोदी की अपील का असर
PM की अपील का असर: बिना गाड़ियों के काफिले नारायणपुर में पुलिस जवान ने बैलगाड़ी से निकाली अनोखी बारात
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छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में एक पुलिस आरक्षक ने अपनी शादी में बैलगाड़ियों का उपयोग किया, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील का असर दिखा। यह पहल सादगी, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देती है।
- 01पुलिस आरक्षक कुबेर देहारी ने बैलगाड़ियों से बारात निकाली।
- 02यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील से प्रेरित है।
- 03बारात ने सादगी और संस्कृति का संदेश दिया।
- 04सोशल मीडिया पर इस अनोखी बारात का वीडियो वायरल हुआ।
- 05छत्तीसगढ़ के वन मंत्री ने इस पहल की सराहना की।
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छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के डुमरतराई गांव में पुलिस आरक्षक कुबेर देहारी ने अपनी शादी में बैलगाड़ियों का उपयोग कर एक अनोखी मिसाल पेश की। 12 मई को आयोजित इस विवाह में उन्होंने मोटर गाड़ियों के काफिले की जगह बैलगाड़ियों का चयन किया, जिससे लगभग एक किलोमीटर की दूरी तय कर बारात दुल्हन के घर पहुंची। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने और मितव्ययता की अपील से प्रेरित थी। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस बारात ने यह दर्शाया कि कम संसाधनों में भी एक यादगार आयोजन किया जा सकता है। इस बारात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसे 'सिंपल वेडिंग' के रूप में सराहा जा रहा है। छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने भी इस पहल की तारीफ की है और इसे सादगी, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का सुंदर संदेश बताया। यह उदाहरण आधुनिकता के साथ-साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश देता है।
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यह पहल स्थानीय समुदायों में सादगी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ा रही है।
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