गुजरात का रहस्यमयी स्तंभेश्वर महादेव मंदिर: ज्वार में गायब होने का अद्भुत अनुभव
दिन में दो बार गायब हो जाता है ये शिव मंदिर, जानें भगवान कार्तिकेय द्वारा स्थापित इस देवालय का राज
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गुजरात के वडोदरा जिले में स्थित स्तंभेश्वर महादेव मंदिर, जो दिन में दो बार समुद्र में गायब हो जाता है, भगवान कार्तिकेय द्वारा स्थापित किया गया था। यह मंदिर श्रद्धालुओं को अपनी अनोखी विशेषताओं और शांत वातावरण के लिए आकर्षित करता है।
- 01स्तंभेश्वर महादेव मंदिर गुजरात के वडोदरा जिले में स्थित है।
- 02यह मंदिर दिन में दो बार समुद्र में गायब हो जाता है।
- 03भगवान कार्तिकेय ने इस मंदिर की स्थापना की थी।
- 04मंदिर की मान्यता हजारों साल पुरानी है।
- 05अमावस्या और महाशिवरात्रि पर यहां भारी संख्या में भक्त आते हैं।
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स्तंभेश्वर महादेव मंदिर, जो गुजरात के वडोदरा जिले के कावी कंबोई गांव में स्थित है, देश के सबसे रहस्यमयी शिव मंदिरों में से एक माना जाता है। यह मंदिर हर दिन ज्वार के समय समुद्र में डूब जाता है और कुछ समय बाद फिर से प्रकट होता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह भगवान शिव का चमत्कार है। इस मंदिर की स्थापना भगवान कार्तिकेय ने की थी, जिन्होंने तारकासुर का वध करने के बाद यहां शिवलिंग स्थापित किया था। मंदिर की पौराणिक मान्यता हजारों साल पुरानी है और यह लगभग 150 साल पुराना माना जाता है। अमावस्या और महाशिवरात्रि जैसे विशेष अवसरों पर यहां भक्तों की भारी भीड़ होती है। मंदिर का वातावरण शांत और आध्यात्मिक है, जो लोगों को एक अलग अनुभव देता है। यदि आप इस मंदिर की यात्रा करना चाहते हैं, तो वडोदरा से कावी कंबोई गांव तक सड़क मार्ग से पहुँचा जा सकता है।
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यह मंदिर स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देता है और श्रद्धालुओं को एक अद्भुत अनुभव प्रदान करता है।
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