वृषभ संक्रांति 2026: सूर्य देव को प्रसन्न करने के उपाय और महत्व
Vrishabha Sankranti 2026: वृषभ संक्रांति पर सूर्य देव को प्रसन्न करने के उपाय, जानिए अनुष्ठान-महत्व और मंत्र
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वृषभ संक्रांति 2026, 15 मई को मनाई जाएगी, जब सूर्य मेष से वृषभ राशि में प्रवेश करेगा। यह दिन सूर्य देव की पूजा और विशेष अनुष्ठानों का महत्व रखता है, जो लोगों के करियर और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकेत देता है।
- 01वृषभ संक्रांति 2026, 15 मई को मनाई जाएगी।
- 02सूर्य और बुध का एक साथ रहना शुभ माना जाता है।
- 03इस दिन गंगा नदी में स्नान करना धार्मिक महत्व रखता है।
- 04सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए विशेष उपाय किए जा सकते हैं।
- 05सूर्य मंत्र का जाप और सूर्य नमस्कार प्रभावी उपाय हैं।
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वृषभ संक्रांति 2026, जो 15 मई को मनाई जाएगी, सूर्य के मेष राशि से वृषभ राशि में प्रवेश का प्रतीक है। इस दिन का धार्मिक महत्व अत्यधिक है, जहां लोग गंगा नदी के घाटों पर जाकर पवित्र स्नान करते हैं। सूर्य को ऊर्जा, आत्मविश्वास और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इस बार सूर्य और बुध का एक साथ रहना शुभ संकेत है, जो लोगों के करियर में तरक्की का संकेत देता है। सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए सुबह जल अर्पित करना, पिता का सम्मान करना, माणिक रत्न पहनना, और सूर्य नमस्कार करना जैसे उपाय किए जा सकते हैं। इसके अलावा, सूर्य मंत्र का जाप और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ भी लाभकारी माना जाता है।
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इस दिन किए गए अनुष्ठान और उपाय लोगों के करियर और जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
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