दिल्ली में शुभेंदु अधिकारी और ऋतब्रत बनर्जी की मुलाकात ने बंगाल की राजनीति में हलचल मचाई
दिल्ली में शुभेंदु-ऋतब्रत की 'इत्तेफाक' वाली मुलाकात....और TMC की 'ऋतु' बदल गई!

Image: Aaj Tak
पश्चिम बंगाल में 4 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद, शुभेंदु अधिकारी और टीएमसी विधायक ऋतब्रत बनर्जी की 22 मई को दिल्ली में मुलाकात हुई। इस मुलाकात के परिणामस्वरूप, ऋतब्रत बनर्जी ने 60 विधायकों के साथ बागी होकर विपक्षी नेता की कुर्सी संभाली।
- 01ऋतब्रत बनर्जी ने 60 टीएमसी विधायकों के साथ बागी होने की घोषणा की।
- 02ममता बनर्जी की पार्टी में विधायकों की संख्या कम होती जा रही है।
- 03शुभेंदु अधिकारी ने 22 मई को दिल्ली में ऋतब्रत के साथ मुलाकात की।
- 04ऋतब्रत ने स्पीकर को विधायकों के हस्ताक्षर का पत्र सौंपा।
- 05राजनीतिक इत्तेफाकों का कोई न कोई रणनीतिक महत्व होता है।
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पश्चिम बंगाल में 4 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद, राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। 22 मई को दिल्ली में शुभेंदु अधिकारी (मुख्यमंत्री) और टीएमसी विधायक ऋतब्रत बनर्जी की एक 'इत्तेफाक' मुलाकात हुई। इस मुलाकात का नतीजा यह रहा कि ऋतब्रत ने 60 विधायकों के साथ बागी होकर विपक्षी नेता की कुर्सी संभाली है। उन्होंने स्पीकर को विधायकों के हस्ताक्षर का पत्र सौंपा है, जिसके बाद उन्हें विधानसभा में विपक्षी दल नेता के कमरे की चाबी भी मिल गई। इस बीच, ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में विधायकों की संख्या लगातार घट रही है, जिससे पार्टी की स्थिति कमजोर होती जा रही है। शुभेंदु अधिकारी की दिल्ली यात्रा और ऋतब्रत के साथ उनकी मुलाकात ने बंगाल की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर दिए हैं। यह घटना दिखाती है कि राजनीति में ऐसे इत्तेफाक बिना किसी रणनीति के नहीं होते।
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बंगाल की राजनीतिक स्थिति में बदलाव से टीएमसी के विधायकों की संख्या में कमी आ रही है, जिससे पार्टी की शक्ति कमजोर हो रही है।
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