चिम्पैंजी ने सिखाई दोस्ती की कला, नई रिसर्च में खुलासा
इंसानों ने नहीं बल्कि चिम्पैंजी ने सिखाया है दोस्ती निभाना! वैज्ञानिकों के इस नए खुलासे से दुनिया हैरान

Image: Zee News
एक नई रिसर्च में पता चला है कि इंसानों ने दोस्ती का ताना-बाना चिम्पैंजी और बोनोबो बंदरों से सीखा है। वैज्ञानिकों ने 24 ग्रुप्स का अध्ययन किया और पाया कि इन प्रजातियों के सामाजिक व्यवहार में ग्रूमिंग के माध्यम से दोस्ती का निर्माण होता है। यह अध्ययन दोस्ती के विकासवादी पहलुओं को भी उजागर करता है।
- 01चिम्पैंजी और बोनोबो के ग्रूमिंग व्यवहार से दोस्ती का ताना-बाना बनता है।
- 02चिम्पैंजी अपने करीबी दोस्तों पर ज्यादा समय बिताते हैं, जबकि बोनोबो सभी के साथ समय बिताते हैं।
- 03जैसे-जैसे चिम्पैंजी बूढ़े होते हैं, उनका दोस्ती का दायरा छोटा होता है।
- 04रिसर्च में गणितीय मॉडल का उपयोग कर दोस्ती के पैटर्न का अध्ययन किया गया।
- 05यह खोज बताती है कि दोस्ती की कला इंसानों से पहले भी मौजूद थी।
Advertisement
In-Article Ad
एक नई रिसर्च के अनुसार, इंसानों ने दोस्ती का ताना-बाना चिम्पैंजी और बोनोबो बंदरों से सीखा है। यूट्रेक्ट यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिडाड कार्लोस III डी मैड्रिड के वैज्ञानिकों ने 24 ग्रुप्स का अध्ययन किया। इस अध्ययन में ग्रूमिंग व्यवहार पर ध्यान केंद्रित किया गया, जो दिखाता है कि ये जीव एक-दूसरे पर समय और भरोसा निवेश करते हैं। गणितीय मॉडल से पता चला कि चिम्पैंजी अपने करीबी दोस्तों पर ज्यादा ध्यान देते हैं, जबकि बोनोबो सभी के साथ समान समय बिताते हैं। चिम्पैंजी जैसे-जैसे बूढ़े होते हैं, उनका दोस्ती का दायरा छोटा होता है, जबकि बोनोबो जीवनभर नए दोस्त बनाते रहते हैं। इस खोज से यह स्पष्ट होता है कि दोस्ती के बुनियादी नियम सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह विकासवादी प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
Advertisement
In-Article Ad
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
आपको क्या लगता है, क्या जानवरों में दोस्ती का बंधन इंसानों से बेहतर है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।





