रूस का एंटी-एजिंग प्रोजेक्ट: इंसानी अंगों की उगाई पर जोर
एंटी-एजिंग रिसर्च में रूस आगे, इंसानी अंग उगाने की तकनीक पर काम जारी

Image: Globalherald
रूस ने 'न्यू हेल्थ प्रिजर्वेशन टेक्नोलॉजीज' नामक एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसमें 2.47 लाख करोड़ रुपए (26 अरब डॉलर) खर्च किए जा रहे हैं। इसका लक्ष्य बूढ़े होने की प्रक्रिया को धीमा करना और 2030 तक इंसानी अंगों का उत्पादन करना है।
- 01रूस का एंटी-एजिंग प्रोजेक्ट 'न्यू हेल्थ प्रिजर्वेशन टेक्नोलॉजीज' 2.47 लाख करोड़ रुपए (26 अरब डॉलर) का है।
- 02इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य जीन थेरेपी और बायोप्रिंटिंग तकनीक के माध्यम से बूढ़े होने की प्रक्रिया को धीमा करना है।
- 03रूसी वैज्ञानिकों ने चूहों की ग्रंथि और इंसानी कार्टिलेज बनाने में सफलता प्राप्त की है।
- 04पुतिन की बेटी, मारिया वोरोत्सोवा, इस प्रोजेक्ट की कमान संभाल रही हैं।
- 05वैज्ञानिकों ने रूस के दावों पर संदेह जताया है, विशेष रूप से पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण।
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने 'न्यू हेल्थ प्रिजर्वेशन टेक्नोलॉजीज' नामक एक महत्वाकांक्षी सरकारी प्रोजेक्ट की शुरुआत की है, जिसका बजट 2.47 लाख करोड़ रुपए (26 अरब डॉलर) है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य बूढ़े होने की प्रक्रिया को धीमा करना और 2030 तक इंसानी अंगों का उत्पादन करना है। वैज्ञानिक जीन थेरेपी और बायोप्रिंटिंग तकनीक पर काम कर रहे हैं, जिसमें प्रयोगशाला में असली जैसे अंग और टिश्यू तैयार किए जा रहे हैं। पुतिन की बेटी, मारिया वोरोत्सोवा, इस प्रोजेक्ट की अगुवाई कर रही हैं। हालांकि, कई विशेषज्ञों ने इस योजना पर संदेह जताया है, यह कहते हुए कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के कारण रूसी वैज्ञानिक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ गए हैं। इस प्रोजेक्ट की सफलता के लिए पुतिन की व्यक्तिगत रुचि और वैज्ञानिकों की टीम पर भरोसा भी महत्वपूर्ण है।
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इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य रूस में उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करना है, जिससे लोगों की जीवन प्रत्याशा बढ़ सकती है।
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