पीएम मोदी की सलाह: खगोल विज्ञान में रुचि से करियर के नए अवसर
आसमान देखने का शौक बदल सकता है करियर, ‘मन की बात’ में PM मोदी ने युवाओं को दी खास सलाह

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के 134वें एपिसोड में खगोल विज्ञान के प्रति युवाओं की बढ़ती रुचि पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन खगोल विज्ञान की परंपरा आज भी जीवित है और युवाओं को इसे अपनाने के लिए प्रेरित किया।
- 01भारत में खगोल विज्ञान की परंपरा सदियों पुरानी है, जिसमें कई प्राचीन वेधशालाएं शामिल हैं।
- 02युवाओं में खगोल विज्ञान के प्रति उत्साह बढ़ रहा है, जिससे एस्ट्रोनॉमी क्लबों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
- 03पीएम मोदी ने बेंगलुरु एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी और ऐस्ट्री केरला जैसी संस्थाओं का उल्लेख किया, जो खगोल विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए काम कर रही हैं।
- 04उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे एस्ट्रोनॉमी क्लब से जुड़ें और तारामंडल का दौरा करें।
- 05खगोल विज्ञान की प्राचीन विरासत और आधुनिक विज्ञान के बीच जिज्ञासा नई पीढ़ी को प्रेरित कर सकती है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के 134वें एपिसोड में खगोल विज्ञान के प्रति युवाओं की बढ़ती रुचि पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत में खगोल विज्ञान की परंपरा सदियों पुरानी है, जिसमें कई प्राचीन वेधशालाएं और महत्वपूर्ण गणितीय खोजें शामिल हैं। पीएम मोदी ने बेंगलुरु एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी और ऐस्ट्री केरला जैसे संगठनों का उल्लेख किया, जो खगोल विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं को एस्ट्रोनॉमी क्लबों से जुड़ने और छुट्टियों में तारामंडल का दौरा करने की सलाह दी। उनका मानना है कि भारत की प्राचीन खगोलीय विरासत और आधुनिक स्पेस युग के बीच जिज्ञासा नई पीढ़ी को विज्ञान की ओर प्रेरित कर सकती है।
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युवाओं में खगोल विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ने से विज्ञान और तकनीकी क्षेत्रों में करियर के नए अवसर उत्पन्न हो सकते हैं।
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