भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की मंजूरी, 75 किमी/घंटा की रफ्तार
Hydrogen Train: 75 KM की रफ्तार से दौड़ेगी भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन
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भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को रेलवे बोर्ड ने जींद-सोनीपत खंड पर चलाने की मंजूरी दी है। यह ट्रेन 75 किमी/घंटा की गति से चलेगी और इसका उद्देश्य स्वच्छ रेल परिवहन को बढ़ावा देना है। हालांकि, विशेषज्ञों ने इस तकनीक की सुरक्षा और लागत को लेकर चिंता जताई है।
- 01हाइड्रोजन ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 75 किमी/घंटा होगी और इसे 1200 किलोवॉट हाइड्रोजन फ्यूल सेल द्वारा संचालित किया जाएगा।
- 02सरकार ने 35 हाइड्रोजन रेलगाड़ियों के विकास के लिए लगभग 2,800 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
- 03जींद-सोनीपत मार्ग को हाइड्रोजन ट्रेन के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है।
- 04हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक केवल जल वाष्प का उत्सर्जन करती है, जिससे यह पारंपरिक ईंधन का स्वच्छ विकल्प है।
- 05विशेषज्ञों का कहना है कि हाइड्रोजन ट्रेन चलाने की योजना पर भारत को सावधानी से विचार करना चाहिए।
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भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को रेलवे बोर्ड ने जींद-सोनीपत खंड पर चलाने की मंजूरी दे दी है। यह ट्रेन 75 किमी/घंटा की अधिकतम रफ्तार से चलेगी और इसे 1200 किलोवॉट हाइड्रोजन फ्यूल सेल द्वारा संचालित किया जाएगा। रेलवे मंत्रालय ने 22 मई को जारी परिपत्र में बताया कि इस पहल के साथ भारत उन देशों में शामिल हो गया है जो हाइड्रोजन का उपयोग कर स्वच्छ रेल परिवहन को बढ़ावा दे रहे हैं। हालांकि, कुछ विशेषज्ञ इस तकनीक की सुरक्षा और लागत को लेकर चिंतित हैं। प्रारंभिक चरण में, सरकार ने 35 रेलगाड़ियों के विकास के लिए लगभग 2,800 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। जींद-सोनीपत मार्ग को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है, जहां हाइड्रोजन भंडारण की सुविधा भी होगी। इस तकनीक का उद्देश्य भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाना है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े पैमाने पर परीक्षण की आवश्यकता है।
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हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देगा और डीजल पर निर्भरता कम करेगा।
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