भारत ने हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक में हासिल की महत्वपूर्ण सफलता
हाइपरसोनिक रेस में भारत की लंबी छलांग, DRDO ने किया ये कमाल
Aaj Tak
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भारत ने DRDO के माध्यम से एक स्क्रैमजेट कॉम्बस्टर इंजन का सफल परीक्षण किया है, जो आवाज की गति से पांच गुना तेज चल सकता है। यह परीक्षण हैदराबाद में हुआ और इससे भारत को हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकसित करने में मदद मिलेगी, जो दुश्मन की रक्षा प्रणाली को पार कर सकेगी।
- 01DRDO ने स्क्रैमजेट कॉम्बस्टर इंजन का सफल परीक्षण किया।
- 02इंजन ने 1,200 सेकंड तक काम किया, जो एक रिकॉर्ड है।
- 03भारत अब हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकसित कर सकता है।
- 04रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता की सराहना की।
- 05भारत अब अमेरिका, रूस और चीन के साथ हाइपरसोनिक तकनीक में शामिल हो गया है।
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भारत ने एक महत्वपूर्ण तकनीकी सफलता का अनुभव किया है, जब DRDO (रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन) ने हैदराबाद में एक स्क्रैमजेट कॉम्बस्टर इंजन का सफल परीक्षण किया। यह इंजन 1,200 सेकंड तक काम करने में सफल रहा, जो एक रिकॉर्ड है। यह तकनीक भारत द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित की गई है, जिसमें तरल हाइड्रोकार्बन ईंधन और उच्च तापमान अवरोधक कोटिंग का उपयोग किया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि की सराहना की और इसे हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकास कार्यक्रम के लिए एक मजबूत नींव बताया। हाइपरसोनिक मिसाइलें आवाज की गति से पांच गुना तेज चल सकती हैं, जिससे दुश्मन की रक्षा प्रणाली को पार करना संभव हो जाता है। अब भारत भी अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों के साथ इस तकनीक में शामिल हो गया है।
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यह तकनीकी उपलब्धि भारतीय सेना को एक शक्तिशाली हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रदान कर सकती है, जिससे दुश्मन के लक्ष्यों को भेदने की क्षमता बढ़ेगी।
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