गुलशन कुमार: जूसवाले से म्यूजिक इंडस्ट्री के बादशाह बनने की प्रेरणादायक कहानी
जूसवाला से म्यूजिक इंडस्ट्री के किंग बने गुलशन कुमार, इस हीरो ने चमकाई किस्मत और बना दिया बादशाह,एक हिट के बाद करियर खत्म
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गुलशन कुमार, जो दिल्ली में एक जूस की दुकान पर काम करते थे, ने भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री में अपनी मेहनत और प्रतिभा से एक नई पहचान बनाई। 1990 में फिल्म 'आशिकी' से मिली सफलता ने उन्हें म्यूजिक का गेम चेंजर बना दिया, लेकिन उनकी हत्या ने इस प्रेरणादायक यात्रा को अचानक समाप्त कर दिया।
- 01गुलशन कुमार का जन्म 5 मई को हुआ था और उनका बचपन दिल्ली में जूस की दुकान पर बीता।
- 02उन्होंने सस्ते दामों पर गानों के कैसेट बेचकर म्यूजिक इंडस्ट्री में कदम रखा।
- 03फिल्म 'आशिकी' (1990) ने उन्हें म्यूजिक इंडस्ट्री का गेम चेंजर बना दिया।
- 04गुलशन कुमार ने नए सिंगर्स को मौका देकर उन्हें पहचान दिलाई।
- 05उनकी हत्या 12 अगस्त 1997 को हुई, लेकिन उनका म्यूजिक साम्राज्य आज भी जीवित है।
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गुलशन कुमार, जिनका जन्म 5 मई को हुआ, ने भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री में अपनी अनूठी पहचान बनाई। उन्होंने दिल्ली में अपने पिता के साथ जूस की दुकान पर काम किया, लेकिन संगीत के प्रति उनका जुनून उन्हें एक नई दिशा में ले गया। उन्होंने सस्ते दामों पर गानों के कैसेट बेचकर म्यूजिक की दुनिया में कदम रखा। 1990 में फिल्म 'आशिकी' ने उन्हें म्यूजिक इंडस्ट्री का गेम चेंजर बना दिया, जहां उनके गाने हर जगह गूंजने लगे। गुलशन कुमार ने नए सिंगर्स को भी मौका दिया, जिससे उन्होंने कई प्रतिभाओं को पहचान दिलाई। उनकी साधारणता और भक्ति के लिए उनकी पहचान बनी रही, लेकिन 12 अगस्त 1997 को उनकी हत्या ने सभी को हिला दिया। आज भी उनका नाम और म्यूजिक साम्राज्य लोगों के दिलों में जिंदा है।
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