राजीव खंडेलवाल के संघर्ष के दिनों की कहानी और परिवार की जिम्मेदारियों पर विचार
टीवी के इस मशहूर एक्टर के पास नहीं होते थे पेटभर खाने के पैसे, 50 रुपये में लगाता था अल्टिमेट जुगाड़, लाइव शो में बताई अपनी ट्रिक
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अभिनेता राजीव खंडेलवाल ने अपने शो 'तुम हो ना' में अपने संघर्ष के दिनों को याद किया, जब उन्होंने सीमित संसाधनों में भी खुश रहने का जिक्र किया। उन्होंने परिवार और रिश्तों की जिम्मेदारियों को साझा करते हुए बताया कि यह दोनों की मिलकर निभाने वाली होती हैं।
- 01राजीव खंडेलवाल ने अपने संघर्ष के दिनों को याद किया।
- 02उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने सीमित पैसे में भी खुश रहने की कला सीखी।
- 03राजीव ने परिवार की जिम्मेदारियों को साझा करते हुए समानता पर जोर दिया।
- 04उन्होंने अपनी पत्नी के लिए रोज चाय बनाने की आदत का जिक्र किया।
- 05उनका शो 'तुम हो ना' सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर प्रसारित होता है।
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अभिनेता राजीव खंडेलवाल ने अपने शो 'तुम हो ना' के एक एपिसोड में अपने संघर्ष के दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि कैसे वे उन दिनों में सीमित पैसे के बावजूद खुश रहते थे और रेस्टोरेंट में मुफ्त सलाद का आनंद लेते थे। राजीव ने कहा, "हम सभी अपने संघर्ष के दिनों में सबसे ज्यादा खुश रहते हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि घर और रिश्तों की जिम्मेदारियां केवल एक व्यक्ति की नहीं होतीं, बल्कि दोनों को मिलकर निभानी चाहिए। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह अपनी पत्नी का हर दिन ख्याल रखते हैं, जैसे कि उनके लिए चाय बनाना। उनका यह विचार है कि घर में देखभाल और जिम्मेदारी दोनों की होती है।
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