नौशाद अली: संघर्ष से सफलता तक का सफर
पिता की मर्जी के खिलाफ संगीत में बनाया करियर, मुंबई आकर ऐसी बदली किस्मत 75 रुपये कमाने वाले नौशाद की सैलरी सीधे हो गई 25 हजार
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नौशाद अली, लखनऊ में जन्मे एक प्रसिद्ध संगीतकार, ने अपने पिता की इच्छा के खिलाफ संगीत में करियर बनाने का निर्णय लिया। 1937 में मुंबई आकर उन्होंने संघर्ष किया और फिल्म 'रतन' से उनकी सैलरी 75 रुपये से बढ़कर 25,000 रुपये हो गई।
- 01नौशाद अली का जन्म 25 दिसंबर 1919 को लखनऊ में हुआ था।
- 02उनके पिता ने संगीत और घर में से एक चुनने की शर्त रखी थी।
- 03नौशाद ने 1940 में फिल्म 'प्रेम नगर' से स्वतंत्र संगीतकार के रूप में शुरुआत की।
- 04फिल्म 'रतन' ने उनकी किस्मत बदल दी, जिससे उनकी सैलरी 75 रुपये से बढ़कर 25,000 रुपये हो गई।
- 05उन्होंने मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर जैसे गायकों को नई ऊंचाई दी।
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नौशाद अली (1919-2006) एक महान भारतीय संगीतकार थे, जिनका जन्म लखनऊ में हुआ। उनके परिवार ने संगीत को स्वीकार नहीं किया और उनके पिता ने उन्हें संगीत या घर में से एक चुनने को कहा। इस चुनौती के बावजूद, नौशाद ने 1937 में लखनऊ छोड़कर मुंबई का रुख किया। शुरुआती दिनों में उन्हें बहुत संघर्ष करना पड़ा, लेकिन उन्होंने उस्ताद झंडे खां से संगीत की शिक्षा ली और 1940 में फिल्म 'प्रेम नगर' से अपने करियर की शुरुआत की। उनकी पहचान 1942 में फिल्म 'नई दुनिया' और 'शारदा' से बनी। फिल्म 'रतन' ने उनकी किस्मत बदल दी, और उनकी सैलरी 75 रुपये से बढ़कर 25,000 रुपये हो गई। नौशाद ने शास्त्रीय, लोक और पश्चिमी संगीत का सुंदर मेल किया और कई प्रसिद्ध गायकों को नई ऊंचाई दी।
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नौशाद अली की कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों का पीछा करने में संघर्ष कर रहे हैं।
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